Headlines

हरतालिका तीज पर मां पार्वती से कैसे लें सुहाग, इसके बिना अधूरी है पूजा


हरतालिका तीज के दिन स्त्रियां स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और हाथ में जल लेकर अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और दांपत्य सुख की कामना से व्रत का संकल्प लें.

शिव-पार्वती की पूजा से पहले गणेश जी का पूजन करें. इसके बाद मिट्टी या बालू से बनी गौरी-शंकर की प्रतिमा स्थापित करें.

शिव-पार्वती की पूजा से पहले गणेश जी का पूजन करें. इसके बाद मिट्टी या बालू से बनी गौरी-शंकर की प्रतिमा स्थापित करें.

प्रदोष काल में माता पार्वती को 5 या 7 बार सिंदूर और सोलह श्रृंगार की सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि अर्पित करें. जितनी बार आप माता को सिंदूर चढ़ाएं, उसकी गिनती याद रखें.

प्रदोष काल में माता पार्वती को 5 या 7 बार सिंदूर और सोलह श्रृंगार की सामग्री जैसे चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि अर्पित करें. जितनी बार आप माता को सिंदूर चढ़ाएं, उसकी गिनती याद रखें.

जो स्त्रियां रात्रि काल के चारों प्रहर में पूजा करती हैं आखिरी प्रहर की पूजा के बाद माता पार्वती से सुहाग लें.  माता को चढ़ाए गए सिंदूर को अपने पल्लू से स्पर्श कराते हुए, जितनी बार सिंदूर चढ़ाया था, उतनी बार अपनी मांग में भरें

जो स्त्रियां रात्रि काल के चारों प्रहर में पूजा करती हैं आखिरी प्रहर की पूजा के बाद माता पार्वती से सुहाग लें. माता को चढ़ाए गए सिंदूर को अपने पल्लू से स्पर्श कराते हुए, जितनी बार सिंदूर चढ़ाया था, उतनी बार अपनी मांग में भरें

माता को अर्पित की गई चूड़ियों में से थोड़ी चूड़ियां पहनें और बिंदी, मेहंदी लगाएं. माता को चढ़ाई सामग्री सुहागिन को भी दान करें. मान्यता है कि इस तरह माता पार्वती से सुहाग लेने पर अंखड सौभाग्य बना रहता है.

माता को अर्पित की गई चूड़ियों में से थोड़ी चूड़ियां पहनें और बिंदी, मेहंदी लगाएं. माता को चढ़ाई सामग्री सुहागिन को भी दान करें. मान्यता है कि इस तरह माता पार्वती से सुहाग लेने पर अंखड सौभाग्य बना रहता है.

Published at : 12 Sep 2026 05:30 AM (IST)

ऐस्ट्रो फोटो गैलरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *