उत्तर प्रदेश के हरदोई में बिलग्राम क्षेत्र में भागवत कथा की कलश यात्रा उस वक्त मातम में बदल गई, जब नोखेपुरवा गंगा घाट पर स्नान के दौरान पांच बच्चे अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गए. बच्चों को डूबता देख घाट पर चीख-पुकार मच गई. मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर स्नेहा (12) पुत्री महेंद्र, सोनम (11) पुत्री सोनू और अंशी (14) पुत्री राकेश को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन संध्या पुत्री रविशंकर और ओमजी पुत्र राजेश गंगा की तेज धार में बह गए.
हादसे की सूचना मिलते हेई पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया. स्थानीय गोताखोरों और पुलिस ने देर शाम तक सर्च अभियान चलाया, जिसमें 14 वर्षीय संध्या का शव बरामद कर लिया गया. वहीं ओमजी का कोई सुराग नहीं मिलने पर पूरी रात SDRF और गोताखोरों की टीम गंगा में तलाश करती रही. बुधवार सुबह कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद SDRF टीम ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर ओमजी का शव भी बरामद कर लिया.
परिवार में कोहराम
एक ही गांव म्योरा के दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है. मासूमों के शव गांव पहुंचते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई. मां-बाप बदहवास हो गए और गांव की आंखें नम हो उठीं. जिस कलश यात्रा में लोग श्रद्धा और खुशी के साथ शामिल हुए थे, वही कुछ ही पलों में दो परिवारों के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गई.
पुलिस ने शुरू की जांच
उधर हादसे के बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है. इसके साथ ही हादसे की जांच शुरू कर दी है. पुलिस इसे हादसा मानकर ही जांच कर रही है. इसके साथ ही पुलिस ने नदी व तालाब में स्नान आदि जगहों पर विशेष सतर्कता की अपील ग्रामीणों से की है.
यह भी पढ़ें: महोबा में एक ही गांव में दो लोगों ने खाया जहर, महिला की मौत, युवक की हालत गंभीर
