हिमाचल दिवस के मौके पर किन्नौर जिले के मुख्यालय रिकांगपिओ में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ध्वजारोहण किया, परेड की सलामी ली और प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम में स्थानीय लोग, अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि किन्नौर जिले की 21 साल से ज्यादा उम्र की सभी पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये दिए जाएंगे. इस योजना का मकसद जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी.
कर्मचारियों को लंबित भुगतान और वेतन पर राहत
सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2022 के बीच रिटायर हुए क्लास-4 कर्मचारियों को लंबित ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का भुगतान मई महीने में कर दिया जाएगा. लंबे समय से अपने पैसे का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह खबर राहत देने वाली है.
इसके अलावा सरकार ने क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के वेतन स्थगन का फैसला वापस ले लिया है. हालांकि कुछ श्रेणियों के वेतन में अभी भी सीमित समय के लिए आंशिक कटौती जारी रहेगी.
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का संकेत
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी स्कूलों में छात्रों से एक समान फीस ली जाएगी. इससे शिक्षा में समानता और पारदर्शिता आएगी. सरकार का फोकस है कि हर बच्चे को बराबर अवसर मिले, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो.
पुलिस विभाग के लिए भी एक अहम फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पुलिसकर्मी ईमानदारी और उत्कृष्ट सेवा देंगे, उन्हें रिटायरमेंट के समय एक अतिरिक्त रैंक दिया जाएगा. इसे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है.
आज के ही दिन हुआ था हिमाचल प्रदेश का गठन
हिमाचल प्रदेश का गठन 15 अप्रैल 1948 को करीब 30 रियासतों को मिलाकर किया गया था. बाद में 1971 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह देश का 18वां राज्य बना. आज हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है, जहां प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलता है.
