दिल्ली पुलिस के हिरासत में लिए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, हमने चार सांसदों के साथ, द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन पर धरना शुरू कर दिया है, जहां हमें लाया गया है. ममता ने आरोप लगाया कि उन्हे अगवा करके दो घंटे तक जेल वैन में घुमाया गया.
उन्होंने आगे कहा कि वह आज रात कोलकाता वापस नहीं लौट रही हैं और आज युवाओं और सभी के खिलाफ जो कुछ भी हो रहा है, उसके विरोध में सोमवार को इंडिया गठबंधन के मार्च में शामिल होंगी.
सोमवार को इंडिया गठबंधन सौंपेगा सबूत
शुक्रवार को ममता बनर्जी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य इंडिया गठबंधन के साथियों के साथ राष्ट्रपति से मिलने गईं थीं, जिसके बाद गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि वे लोग राष्ट्रपति को सोमवार तक वोट चोरी के सारे सबूत सौपेंगे.
4pm. Along with our 4 MPs, we have started our dharna at Dwarka North PS where we have been brought. We were kidnapped and driven around in a prison van for two hours. I am not returning to Kolkata tonight and in protest against all that is happening today against the youth and all, I will join the I.N.D.I.A march on Monday.
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) October 10, 2026
ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस और CRPF ने हिरासत में लिया है. वह मुंह पर बैंड-ऐड लगाकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थीं. TMC के हवाले से यह जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने विरोध के तौर पर अपने मुंह पर बैंड-ऐड चिपका रखा था. सूत्रों के मुताबिक, यह उनकी आवाज दबाए जाने के खिलाफ सांकेतिक विरोध था. इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके बस में मौजूद होने के विजुअल्स भी सामने आए हैं.
बस में दुर्गा पाठ करती नजर आईं ममता
बस के अंदर ही उन्होंने महिषासुर मर्दिनी का पाठ किया. वे जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी, जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी. अभया शक्ति बलप्रदायिनी तुमि जागो, जागो तुमि जागो गाती नजर आईं. यह प्रसिद्ध पंक्ति महिषासुर मर्दिनी के आगमन और देवी दुर्गा के जागरण के लिए की जाने वाली प्रार्थना से हैं. यह मूल रूप से बंगाली भाषा में है. इसका हिंदी में अर्थ है – जागो दुर्गा, जागो दस हाथों में अस्त्र धारण करने वाली. हे भयमुक्त करने वाली, शक्ति और बल प्रदान करने वाली, तुम जागो. जागो, तुम जागो. यह दुर्गा पूजा से जुड़ा एक बेहद महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसे बंगाल में शक्ति और न्याय की प्रतीक के रूप में देखा जाता है.
