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51वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के स्पेशल प्रेजेंटेशन सेक्शन में चुनी गई रिची मेहता की ‘फूलन’, जानें कब होगी स्क्रीनिंग


भारतीय फिल्मों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. एमी अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर रिची मेहता की फिल्म ‘फूलन’ ने अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई है. फिल्म को 51वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (टीआईएफएफ) 2026 के स्पेशल प्रेजेंटेशन सेक्शन में जगह मिली है. आइए जानते हैं इस फिल्म की कहानी क्या है और टीआईएफएफ 2026 में इसकी स्क्रीनिंग कब होगी.

नमाह पिक्चर्स की फिल्म फूलन एमी अवॉर्ड विजेता फिल्ममेकर रिची मेहता ने लिखा और डायरेक्ट किया है. प्रोड्यूसर शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा, कंवल कोहली और रिची मेहता ने प्रोड्यूस किया है

इस हिंदी एक्शन ड्रामा में स्नेहा कुमारी फूलन देवी के किरदार में नजर आएंगी. उनके साथ अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया भी अहम किरदारों में नजर आएंगे.

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टीआईएफएफ 2026 में फूलन को स्पेशल प्रेजेंटेशन्स सेक्शन के लिए चुना गया है. फिल्म की स्क्रीनिंग 16 सितंबर को शाम 6 बजे प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में होगी.

टीआईएफएफ 2026 में दिखेगी ‘फूलन’

प्राइम वीडियो ने आज बताया कि उसकी ओरिजिनल फिल्म फूलन को 51वें टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिव के स्पेशल प्रेजेंटेशन सेक्शन के लिए चुना गया है. ये फेस्टिवल 10 से 20 सितंबर 2026 तक होगा. फिल्म की स्क्रीनिंग 16 सितंबर को शाम 6 बजे (ईटी) प्रिंसेस ऑफ वेल्स थिएटर में होगी. फूलन देवी की किताब ‘आई, फूलन – द ऑटोबायोग्राफी ऑफ इंडियाज़ बैंडिट क्वीन’ से इंस्पायर ये फिल्म उनकी जिंदगी के उस अहम दौर को दिखाती है, जब हजारों लोग उन्हें मारने के इरादे से एक गांव में घेर लेते हैं.

रिची मेहता ने किया डायरेक्ट

इस हिंदी एक्शन ड्रामा को रिची मेहता ने लिखा और डायरेक्ट किया है. फिल्म को शरीन मंत्री केडिया, किशोर अरोड़ा, कंवल कोहली और रिची मेहता ने मिलकर प्रोड्यूस किया है.

फिल्म में स्नेहा कुमारी फूलन देवी के किरदार में नजर आएंगी. उनके साथ अनुराग ठाकुर, विक्रम प्रताप सिंह, आकाश दहिया, प्रतीक पचौरी और देव दत्त बुधोलिया भी अहम किरदार निभाते दिखाई देंगे.

48 घंटों की कहानी पर है फिल्म

फूलन भारत के गांवों की पृष्ठभूमि पर बनी कहानी है. ये एक 17 साल की गरीब लड़की की कहानी है, जो आगे चलकर भारत की सबसे चर्चित डकैतों में से एक बनती है. उसे मारने के लिए 2,000 हथियारबंद लोगों को भेजा जाता है. फिल्म उन 48 घंटों की कहानी दिखाती है, जब वे चारों तरफ से घिरी हुई थी. ये फिल्म एक्शन को बिल्कुल अलग अंदाज में पेश करती है.

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टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दुनिया के सबसे बड़े फिल्म फेस्टिवल्स में गिना जाता है. यहां हर साल अलग-अलग देशों की बेहतरीन फिल्मों और फिल्ममेकर्स को अपनी फिल्में दिखाने का मौका मिलता है. 





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