पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में शनिवार (9 मई) को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके साथ ही 5 और मंत्रियों ने शपथ ली. शपथ लेने वाले मंत्रियों में दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किरतनिया, खुदीराम तुडू और निशीथ प्रामाणिक शामिल हैं. इस शुरुआती छोटी कैबिनेट के जरिए बीजेपी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का संदेश देने की कोशिश की है.
कभी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डिप्टी रहे निशीथ प्रमाणिक अब पश्चिम बंगाल में मंत्री बन गए हैं. बंगाल की सत्ता चलाने के लिए बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी के साथ ही जुझारू चेहरों को तरजीह दी है. अग्निमित्रा पॉल दक्षिण बंगाल का प्रतिनिधित्व करती हैं और एक महिला हैं तो वहीं निशीथ प्रमाणिक राजवंशी समुदाय से हैं और वो उत्तर बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं.
कौन हैं निशीथ प्रमाणिक?
निशीथ प्रमाणिक ने 2001 में स्टेट बोर्ड के तहत भेटागुरी लाल बहादुर शास्त्री विद्यापीठ दिनहाटा से 10वीं पास की. वे एक प्राइमरी स्कूल में असिस्टेंट टीचर थे. उनकी शादी प्रियंका प्रमाणिक से हुई, जिनसे उनके दो बेटे हैं. निशीथ ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस से की थी, लेकिन 2019 में वह तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए.
बीजेपी से पहली बार बने सांसद
साल 2019 में वो पहली बार बीजेपी से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने. वह इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी को लेकर बनाई गई स्टैंडिंग कमिटी के सदस्य और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमिटी के सदस्य थे. 2021 में वो बंगाल के दिनहाटा से विधायक चुने गए. हालांकि सांसद बने रहने के लिए उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने गृह मंत्रालय के साथ-साथ युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री के तौर पर काम किया है.
जुलाई 2021 में कैबिनेट फेरबदल के बाद वो केंद्र में गृह मंत्री, युवा मामले और खेल मंत्रालय के राज्य मंत्री बने. 2021 तक 35 साल की उम्र में वो मोदी कैबिनेट में सबसे कम उम्र के मंत्री बने. 2024 के लोकसभा चुनाव में वो हार गए. 2026 के विधानसभा चुनाव में वह माथाभांगा से उम्मीदवार बने और विजयी हुए.
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