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अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर भड़के कपिल सिब्बल, बोले- बेहद शर्मनाक है कि सत्ताधारी पार्टी…


राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने रविवार (31 मई, 2026) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शर्म आती है कि वे ऐसे देश में रह रहे हैं जहां सत्ताधारी पार्टी लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है.

सिब्बल ने पूछा कि हिंसा के दोषियों को पकड़ने के लिए क्या कार्रवाई की गई है. उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की चुप्पी पर सवाल उठाया. पुलिस ने बताया कि शनिवार को चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर जाने पर अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने मारपीट की.

अज्ञात लोगों ने सांसद पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके, और ‘चोर-चोर’ के नारे लगाते हुए उन पर लात-घूंसे बरसाने की कोशिश भी की. कपिल सिब्बल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘कल जब मैंने सोशल मीडिया पर अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का तरीका देखा तो मैं स्तब्ध रह गया. जाहिर है यह एक सोची-समझी साजिश थी. मैंने एक व्यक्ति को पत्थर फेंकते देखा, सौभाग्य से अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट पहना हुआ था.’

कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर अभिषेक बनर्जी ने हेलमेट नहीं पहना होता तो यह चोट घातक साबित हो सकती थी. भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, ‘दुर्भाग्यवश और जानबूझकर, उन्होंने लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा हटा ली. उनकी सुरक्षा हटाई गई, उन्हें पता था कि वे कहां जा रहे हैं, वहां लोग जमा थे – गुंडे, नागरिक नहीं. ऐसे लोगों से वास्तव में वोट देने का अधिकार छीन लेना चाहिए.’

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सिब्बल ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कोई बयान नहीं दिया है. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया. राज्यसभा के निर्दलीय सदस्य ने कहा, ‘केंद्रीय बल वहां मौजूद हैं. मुझे याद है अमित शाह ने बयान दिया था कि ‘चिंता की कोई बात नहीं है; केंद्र के बल कई हफ्तों तक वहां रहेंगे’. तो, वहां केंद्रीय बल हैं, राज्य पुलिस है, भाजपा के गुंडे भी वहां जमा हैं, उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर पत्थर फेंके, हेलमेट की वजह से उनकी जान बच गई.’

उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने नजरअंदाज किया और बिल्कुल भी हस्तक्षेप नहीं किया और उनमें से कुछ तो घटना का वीडियो भी बना रहे थे. सिब्बल ने कहा, ‘अभिषेक बनर्जी लोकसभा सदस्य हैं, इसलिए इन लोगों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाया जाना चाहिए. इन्हें कानून के कठघरे में खड़ा किया जाना चाहिए… क्या इनमें से किसी को गिरफ्तार किया गया है?’

उन्होंने कहा, ‘क्या इस घटना के पीछे की साजिश की जांच की गई है? क्या मुख्यमंत्री ने इस घटना की निंदा करते हुए कोई बयान दिया है? क्या उन्होंने कहा है कि इस हिंसा के दोषियों को सजा दी जाएगी? क्या गृह मंत्री ने कुछ कहा है? क्या श्री बिरला ने कुछ कहा है? क्या हमारी लोकतंत्र प्रणाली इसी तरह काम करेगी?’

उन्होंने पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक अन्य नेता कल्याण बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर भी भाजपा की आलोचना की. कल्याण बनर्जी का आरोप है कि रविवार को जिले के एक पुलिस थाने के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ ने उन्हें घेर लिया, जिससे उनके सिर में चोटें आईं.

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सिब्बल ने पूछा कि क्या चुनावी जीत के बाद हिंसक साधनों के माध्यम से विपक्ष को खत्म करने की चाहत रखना ही सही तरीका होना चाहिए. भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, ‘क्या सत्ताधारी राजनीतिक दल की यही मानसिकता है? क्या यही भारत का भविष्य है? क्या यही वह विकसित भारत है जिसकी आप बात कर रहे हैं? और यह सब इसलिए क्योंकि आप विपक्ष को कुचलना चाहते हैं और उनके मन में भय पैदा करना चाहते हैं.’

वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘यह शर्मनाक है, बेहद शर्मनाक. मुझे शर्म आती है कि मैं ऐसे देश में रह रहा हूं जहां ऐसा होता है, जहां सत्ताधारी राजनीतिक दल लोकतंत्र की उन नींवों को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, जो हमारे महान नेताओं ने इस गणतंत्र की स्थापना के समय रखी थीं.’



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