नंदीग्राम उप चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर सियासी बवाल मचा हुआ है. इसी को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का भी बयान आया है. उन्होंने शनिवार (19 सितंबर) को न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और सरकार की यह जुगलबंदी लोकतंत्र पर ये हमले, ये तानाशाही भरे फैसले और स्पीकर के ये एकतरफा फैसले यह सब कब तक चलेगा?
कपिल सिब्बल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ये सरकार और चुनाव आयोग की जुगलबंदी, ये लोकतंत्र की हत्या, स्पीकर के एकतरफे फैसले, ये सब कब तक चलेगा. पूरा देश यह तमाशा देख रहा है और पश्चिम बंगाल में जो हुआ, उससे ऐसा लगता है कि लोकतंत्र खोखला हो गया है और हमारी संस्थाएं भी खोखली हो गई हैं. उन्होंने आगे कहा कि अब जरा इस पर सोचिए कि 7 सितंबर को चुनाव आयोग ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर के साथ-साथ अन्य जगहों पर भी उपचुनाव होंगे.’
Delhi: Rajya Sabha MP Kapil Sibal says, “This jugalbandi with the Election Commission and the government, these attacks on democracy, these dictatorial decisions, and these one-sided decisions by the Speaker-how long will this continue? The entire country is watching this… pic.twitter.com/32NPaxe7qL
— IANS (@ians_india) September 19, 2026
कपिल सिब्बल ने बताया, क्या हुआ था
कपिल सिब्बल ने बताया कि 13 सितंबर को संचिता प्रधान देव ने नंदीग्राम से और रबीउल आलम चौधरी ने रेजीनगर से अपना नामांकन दाखिल किया. कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान हैं और बीजेपी की उम्मीदवार खासीरानी रथ हैं तो यह सब 13 सितंबर को हुआ और 17 सितंबर की शाम को ECI ने चुनाव चिह्न को फ़्रीज कर दिया.
संचिता प्रधान डे को लेकर क्या बोले सिब्बल
उन्होंने आगे कहा कि यह भी एक अजीब बात है कि चुनाव की घोषणा पहले ही हो चुकी थी और इसी बीच चुनाव चिह्न को भी फ्रीज कर दिया गया. उन्होंने आगे बताया कि उसी शाम संचिता प्रधान डे जो 1998 से TMC की संस्थापक सदस्य रही हैं, उन्हें CM ने बुलाया. उन्होंने आगे कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें बुलाया और वह अपने पति के साथ वहां गईं और फिर उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया. तो आप अंदाज़ा लगा सकते हैं और देश के लोग भी अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या हुआ होगा. सिब्बल ने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है.
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