पश्चिम बंगाल की सबसे हॉट सीट बनी नंदीग्राम में उप चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने बंगाल में सियासी पारा और बढ़ा दिया है. ममता बनर्जी इसे लोकतंत्र की हत्या और राजनीतिक बदले की भावना करार दे चुकी हैं तो वहीं अब टीएमसी की वरिष्ठ नेता और सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस पर निशाना साधा है. उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं.
महुआ मोइत्रा ने शनिवार (19 सितंबर) को एक्स पर एक पोस्ट में कई सवाल उठाए. उन्होंने सबसे पहले पूछा कि होटल से उठाए जाने के बाद नंदीग्राम के उम्मीदवार मिलन प्रधान कहां हैं? उन्होंने आगे कहा कि जब आदर्श आचार संहिता लागू है तो ऐसे में इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर केंद्रीय चुनाव आयोग की होती है.
Where is Nandigram candidate Milan Pradhan after being picked up from hotel? When MCC in effect the police administration is under direct superintendence & control of @ECISVEEP . What kind of Gestapo land is this?
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) September 19, 2026
क्या बोलीं महुआ मोइत्रा
महुआ मोइत्रा ने कहा कि आचार संहिता के वक्त पुलिस प्रशासन सीधे तौर पर चुनाव आयोग के कंट्रोल में होता है. उनकी देखरेख में ही कार्य करता है. इसके बाद उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसी ‘गेस्टापो’ (गुप्त राज्य पुलिस’) वाली जगह है? कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इसे लोकतंत्र की हत्या करार दे चुके हैं.
बचाव की मुद्रा में कांग्रेस
मिलन प्रधान के चुनावी हलफनामे में 3-3 हत्या के मामलों के खुलासे के बाद अब कांग्रेस खुद बचाव की मुद्रा में आ गई है. चुनावी हलफनामे के मुताबिक, कांग्रेस उम्मीदवार ने खुद स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ 3 अलग-अलग हत्या के मामले दर्ज हैं. इन तीनों मर्डर केस में अदालत की तरफ से काफी समय से अरेस्ट वारंट पेंडिंग थे. कानूनी जानकारों के मुताबिक चुनाव के दौरान किसी भी भगोड़े या गैर-जमानती वारंट वाले व्यक्ति को पुलिस कभी भी गिरफ्तार कर सकती है.
ममता बनर्जी की पार्टी से उम्मीदवार संचिता प्रधान के नाम वापस लेने के बाद ममता ने तुरंत कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था. इसके कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने ये कार्रवाई की.
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