वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में ऐसा धमाका किया है, जिससे उनका नाम क्रिकेट से बाहरी दुनिया में भी लोकप्रिय हो गया है. केवल 15 साल की उम्र में आईपीएल की ऑरेंज कैप अपने नाम करने वाले वैभव पर अकादमिक अध्ययन होने जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार आईआईएम इंदौर वैभव पर एक गहन अध्ययन करने जा रहा है.
आईपीएल 2026 में वैभव सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए. उन्होंने ऑरेंज कैप जीती और सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया, इसी कीर्तिमान के लिए उन्हें टाटा सिएरा कार भी तोहफे में मिली है. उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास में सबसे तेज एक हजार रन पूरे करने वाले भारतीय होने का रिकॉर्ड भी बनाया. उन्होंने सीजन के समाप्त होने के बाद कई पुरस्कार भी जीते.
इतनी छोटी सी उम्र में वैभव ने जो परिपक्वता दिखाई है, उसके कई दिग्गज खिलाड़ी भी फैन हैं. अब आईआईएम इंदौर 15 वर्षीय खिलाड़ी के अब तक के सफर का अध्ययन करेगा. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पता करेगा कि मैदान पर वैभव की मानसिकता क्या रहती है, अनुशासन में कैसे रहते हैं, उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में परिवार का क्या योगदान रहा और टीम मैनेजमेंट की रणनीतियों ने कैसे उन्हें एक बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद की है.
कहते हैं कि भारत में क्रिकेट को पूजा जाता है, इसलिए कोई जब बड़ा खिलाड़ी बन जाता है तो लोकप्रियता, सोशल मीडिया का दबाव, फैंस और चाहने वालों की उम्मीदें और मीडिया की चकाचौंध भी साथ आती है. इसका भी एक अलग दबाव होता है और वैभव केवल 15 साल की उम्र में इस सबसे कैसे निपटते हैं, IIM अपने अध्ययन में इसका भी ध्यान देगा.
याद दिला दें कि जब आईपीएल 2026 के फाइनल के बाद रवि शास्त्री, वैभव का इंटरव्यू ले रहे थे तब इस भारतीय खिलाड़ी का कहना था कि वे नर्वस महसूस कर रहे हैं. इससे साबित होता है कि 24 घंटे मीडिया की नजरों में बने रहना भी किसी दबाव से कम नहीं है.
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