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PAK के लिए नासूर बना PoK, कश्मीरियों ने मुनीर की नाक में किया दम, क्या अपने आप भारत में हो जाएगा शामिल, पढ़ें पूरी स्टोरी


पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) बीते कई दिनों से उबल रहा है. रावलकोट में हजारों की संख्या में सड़कों पर जमा लोग पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ विरोध कर रहे हैं. विरोध दबाने के लिए आसिम मुनीर के इशारे पर सेना ने खाने-पीने की चीजों की सप्लाई रोक दी है. इसके चलते वहां के नेताओं ने खुलेआम भारत से दखल देने की मांग की है. ऐसे में अब ये माना जा रहा है कि PoK पाकिस्तान के लिए नासूर बनता जा रहा है. 

रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड जेएस सोढ़ी के मुताबिक जिस तरह से पाकिस्तान पीओके में अत्याचार करता आया है, उससे पाकिस्तान के खिलाफ नफरत बढ़ती जा रही है. आने वाले समय में पाकिस्तान के खिलाफ पीओके में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में बीते 70 सालों से ये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

डिफेंस एनालिस्ट जेएस सोढ़ी ने कहा कि पाकिस्तानी हुकूमत और फौज को समझना होगा कि पीओके को जबरदस्ती पाकिस्तान में नहीं मिलाया जा सकता है. पीओके के लोग भारत में विलय चाहते हैं. यह बात वो कई बार कह चुके हैं. सोढ़ी के मुताबिक पाकिस्तान को पीओके उसी तर्ज पर छोड़ना पड़ेगा जैसे 1991 में सोवियत संघ से टूटकर कई देश अलग हो गए. सोवियत संघ टूटकर 15 देशों में बंट गया था. पीओके भी इसी तर्ज पर पाकिस्तान से टूटकर भारत में मिल जाएगा.

कैसे होता है पीओके का संचालन
NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीओके का संचालन राजधानी इस्लामाबाद से जॉइंट सेक्रेटरी लेवल के ऑफिस से होता है. समय-समय पर इसमें अंतरिम संवैधानिक संशोधन किए गए हैं. हालांकि यहां स्थानीय प्रशासन की कम ही चलती है. यह बात उन 38 मांगों की लिस्ट से साफ होती है जो इन विरोध प्रदर्शनों की मुख्य वजह है. 2023 में ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बनने के बाद सभी मांगों को एक साथ किया गया.

JAAC में कौन-कौन शामिल
JAAC में स्थानीय ट्रांसपोर्टर दुकानदार और आम व्यापारी लोग शामिल हैं. पीओके में रिटायर हो चुके टीचरों की पेंशन भी रोक दी गई है. इसके नेता भी मिडिल क्लास फैमिली से हैं. भारत से दखल की मांग करने के बाद सरदार अमन खान पर एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये का इनाम रखा गया है. पंजाब यूनिवर्सिटी के वकील ख्वाजा मेहरान ने पाकिस्तानी सेना पर कश्मीरियों को बंदूकें देने का आरोप लगाया था ऐसे में उनका भी बचना मुश्किल है.

पीओके के लोगों की मांगें
पिछले 2 साल में हुए विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इनमें वो लोग शामिल हैं जिन पर आटे और बिजली की बढ़ती कीमतों का विरोध करने पर पाकिस्तानी पुलिस ने गोली चला दी थी. अन्य मांगों में मीरपुर में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, बेहतर अस्पताल सुविधाएं, प्रॉपर्टी ट्रांसफर पर कम टैक्स और जर्जर बिजली नेटवर्क को ठीक करने के लिए 10 अरब रुपये का आवंटन शामिल है. भले ही पीओके पाकिस्तान की बिजली का मुख्य स्रोत है लेकिन इसके बावजूद इस इलाके को बिजली नहीं मिल पाती है.

भारत हमेशा से पीओके को अपना बताता आया है. इतना ही नहीं भारत के नक्शे में पीओके भी शामिल है. हालांकि पीओके में दखल को लेकर भारत दूरी बनाए हुए है. भारत को पीओके में मानवीय आधार पर दखल देने का अधिकार है. बता दें कि पीओके के समर्थन में पूरे ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. 

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