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एक तरफ ईरान पर भारी बमबारी, दूसरी तरफ वॉर में इजरायल से दूरी, डोनाल्ड ट्रंप की ये कौन सी नीति?


ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले ने एक बार फिर मिडिल ईस्ट में जंग की चिंगारी फूंक दी है. अमेरिका अब ईरान पर किए जाने वाले हमलों में इजरायल को शामिल नहीं करना चहता है. ट्रंप प्रशासन ऐसा लगता है कि अगर इजरायल इस जंग में कूदा तो मिडिल ईस्ट में स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है. इस हफ्ते अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया था, जिस वजह से अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में कई जगहों पर मिसाइल दागे.

यूएस जंग में इजरायल को शामिल नहीं करना चाहता

ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमला करके जवाबी कर्रवाई की, जिससे फिलहाल दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बढ़ गया है. सीएनएन ने इजरायली अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कर्रवाई में इजरायल की प्रत्यक्ष भागीदारी को रोकने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने कहा, ‘बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि ईरान पर किए जाने वाले अमेरिका हमले में इजरायल को भी शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन यूएस ऐसा नहीं चाहता है.’

इजरायली रक्षा मंत्री की चेतावनी

यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब गुरुवार (9 जुलाई 2026) को इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने ईरान को चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा, ‘इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) अलर्ट पर है. हम सैन्य अभियान को फिर शुरू करने, ईरान के खिलाफ खतरों को कम करने के लिए इजरायल स्वतंत्र रूप से हमला करने को तैयार है. अगर हमें फिर से जंग में लौटना पड़ा तो हम और भी ताकत के साथ लौटेंगे.’ उन्होंने कहा कि इजरायली सेना तब तक लेबनान में बनी रहेगी जब तक हिज्बुल्लाह के हथियार पूरी तरह से जब्त नहीं कर लिए जाते.

नौसैनिक नाकाबंदी चाहते हैं ट्रंप: रिपोर्ट

रिपोर्ट में सूत्र ने दावा किया है कि इजरायल सरकार को ऐसा लगता है कि इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ बड़े पैमाने पर जंग नहीं चाहते हैं. इसमें कहा गया कि ट्रंप की ओर से उठाया जाने वाला ये कदम ईरानी पोर्ट पर नौसैनिक नाकाबंदी को फिर लागू करने का हो सकता है. इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात भी की. दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच अलग-अलग मोर्चों पर तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई.

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