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‘सरकार ने किसी को नहीं बख्शा’, सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाया तो बोले मल्लिकार्जुन खरगे


सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई 2026) को उनके अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. दिल्ली पुलिस के अनुसार डॉक्टरों की सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है.

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार की आलोचना की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रोफेसर जी. डी. अग्रवाल, जिन्होंने गंगा को बचाने के लिए 111 दिनों तक आमरण अनशन किया था, से लेकर हरियाणा की ओलंपिक पहलवानों, 750 किसान आंदोलनकारियों, दलितों, आदिवासियों और पेपर लीक मामलों से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों तक, किसी को भी सरकार ने नहीं बख्शा.

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लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा- कांग्रेस अध्यक्ष

खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार की नजर में जो भी व्यक्ति अपनी आवाज उठाता है, उसे एंटी-नेशनल या परजीवी कह दिया जाता है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ हुआ है, वह लोकतंत्र और संविधान पर एक और काला धब्बा है. कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने पोस्ट में छात्रों के आंदोलनों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कोटा और देहरादून से शुरू हुई “छात्रों की गूंज” की आवाज अब दिल्ली तक जरूर पहुंचेगी.  

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से विभिन्न मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे. उनकी सेहत लगातार गिरने की खबरों के बीच उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, उनके समर्थक सरकार से बातचीत शुरू करने और उनकी मांगों पर ध्यान देने की अपील कर रहे हैं.

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