सीजेपी का मंच देशभर में अपने प्रदर्शन को लेकर चर्चा में बना हुआ है. अब वहां ऐसा कुछ हुआ है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है. उत्तराखंड के पुलिस कॉन्स्टेबल शेर सिंह ने भरे मंच पर अभिजीत दीपके के हाथों में अपना राज्य पुलिस का बैच उतारकर सौंप दिया है. साथ ही उन्होंने सरकार और सिस्टम पर तीखा हमला बोला है.
उनके इस फैसले पर वहां मौजूद लोगों ने समर्थन में नारे लगाएं हैं. कॉन्स्टेबल ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी है. वह अपने हक की लड़ाई में इस प्रोटेस्ट में शामिल होने आए हैं.
नौकरी छोड़ते हुए मंच से बोले शेर सिंह- लड़ना बगावत तो हम बागी हैं
भाषण देते हुए शेर ने भगत सिंह का नाम लेते हुए उनके विचार को साझा करते हुए कहा कि जिंदगी अपने दम पर जी जाती है. क्रांति विचारों से आती है. अगर अपने हक के लिए लड़ना बगावत है, तो हम बागी हैं.
Uttarakhand cop resigned in support of students in jantar mantar. 🔥 pic.twitter.com/XXvRwK43Cd
— Pahadi Voice (🏔️Xac🌲) (@HimalayanRoars) July 24, 2026
उनके इस भाषण पर लोगों ने जमकर समर्थन में नारेबाजी की और तालियां बजाई. भाषण खत्म करने के साथ ही उन्होंने अपना बैच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी के अभिजीत दीपके के हाथों में रख दिया. अब इसकी चर्चा हो रही है.
अपने भाषण के दौरान कॉन्स्टेबल ने उत्तराखंड की भर्ती व्यवस्था पर सवाल भी खड़े किए. उन्होंने कहा कि पटवारी का पेपर परचून की दुकान पर मिलता है. जानकारी के मुताबिक, शेर सिंह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में तैनात हैं. उनपर रिश्वत के आरोप में विभागीय जांच चल रही है.
उत्तराखंड पुलिस अधिकारियों ने क्या दी जानकारी?
इधर, पुलिस राज्य अधिकारियों ने कहा है कि उनके इस एक्शन की पूरी रिपोर्ट पुलिस हेडक्वार्टर भेजी जा रही है. अब उनपर डिपार्टमेंटल कार्रवाई की जा सकती है. अब सवाल है कि एक तरफ शेर सिंह इस प्रदर्शन के समर्थन में बगावत की बयानगी दे रहे हैं, तो वहीं जो जानकारी विभागीय जांच और उनपर लगे आरोपों या उनसे जुड़े विवादों की सामने आ रही है, उसमें कितनी सच्चाई है. उनसे जुड़ा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जंतर मंतर पर सीजेपी के मंच पर नजर आ रहे हैं.
