यूपी में अगले साल शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बीजेपी ने अपनी चुनावी तैयारी शुरू कर दी है. यूपी में जीत की हैट्रिक लगाने के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. गृहमंत्री अमित शाह जल्दी ही यूपी के सभी 6 क्षेत्रों का दौरा करेंगे, तैयारियों को परखेंगे और कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे. गृहमंत्री अमित शाह का यूपी कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है. संभवतः ब्रज क्षेत्र से गृहमंत्री अपने यूपी दौरे की शुरुआत कर सकते हैं.
2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिसमें से 255 सीटें जीती थीं. गठबंधन के साथ कुल 273 सीटों पर जीत दर्ज की थी. बीजेपी को अपनी सीटों में से 121 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था. अब इन्हीं सीटों पर हार जीत का अंतर देखा जा रहा है. 2022 में 49 सीटों पर जीत-हार का अंतर 5 हजार वोट से कम था यानी पार्टी मान रही है कि कुछ सीटों पर हार और जीत के बीच का अंतर संगठन, बूथ और उम्मीदवार के प्रदर्शन से बदला जा सकता है.
सीटों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर रणनीति
A कैटेगरी- वो सीटें जहां बीजेपी पिछले 3 चुनाव से जीत रही है.
B कैटेगरी- जहां पार्टी कम अंतर से जीती
C कैटेगरी- जहां पार्टी 2 बार से लगातार कम अंतर से हार रही है.
D कैटेगरी- ये वो सीटें हैं जो एसपी-कांग्रेस के परंपरागत गढ़ हैं.
बीजेपी के मिशन में खास फोकस उन 61 सीटों पर भी है, जहां पार्टी पिछले तीन विधानसभा चुनावों 2012, 2017 और 2022 में एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर सकी. यहां बूथ फीडबैक, जातीय समीकरण,लाभार्थी संपर्क और संभावित उम्मीदवारों का सर्वे सब कुछ नए सिरे से होगा. अमित शाह पिछले दो चुनाव में उत्तर प्रदेश जीत के चाणक्य रहे हैं इससे बीजेपी नेताओं को तीसरी जीत की भी पूरी उम्मीद है.
बीजेपी में बड़ा मंथन शुरू
टिकट को लेकर भी बीजेपी में बड़ा मंथन शुरू हो गया है. सूत्रों के मुताबिक तीन या उससे ज्यादा चुनाव लड़ चुके नेताओं का पूरा चुनावी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. पिछली बार कितने वोट से हार जीत हुई,जीत-हार का अंतर कितना था,अपने बूथ पर प्रदर्शन कैसा रहा और संगठन में पकड़ कितनी है. यानी अब सिर्फ पार्टी का बड़ा या अनुभवी चेहरा होना टिकट की गारंटी नहीं. जीत की संभावना कमजोर हुई तो टिकट पर कैंची चल सकती है.
राम मंदिर चढ़ावे में चोरी का विवाद
बीजेपी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं. राम मंदिर चढ़ावे में चोरी का विवाद, 2022 में हारी हुई सीटें और 2024 लोकसभा चुनाव का झटका. ऐसे में शाह की रणनीति साफ है सीट भी बचानी है और हारी हुई सीटें वापस भी लानी हैं. राम मंदिर बीजेपी की सबसे बड़ी वैचारिक पहचान का केंद्र रहा है इसलिए चढ़ावे का विवाद 2027 से पहले पार्टी के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती बन गया है.
रथ यात्रा निकालेंगे अखिलेश यादव
अखिलेश यादव भी पीछे नहीं हैं, वो जल्द ही रथ यात्रा के जरिए जनता के बीच उतरने की तैयारी में हैं. यूपी में बीजेपी 2027 में हैट्रिक लगाने की तैयारी में है क्योंकि यूपी की सत्ता में वापसी 2029 में लोकसभा चुनाव की राह आसान कर देती है. गृहमंत्री अमित शाह ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दी है. रणनीति बनाकर उसको जमीन पर उतारने का काम शुरू कर दिया है.
बीजेपी के सामने चुनौती है हारी हुई 121 सीटों का हिसाब, 61 मुश्किल सीटों का मिशन और 2022 के करीबी हार का मार्जिन. ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह की रणनीति साफ है कि टिकट सिर्फ जीतने वालों को ही दिया जाएगा.
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