उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 7 की पुस्तक में शामिल ‘अकबर महान’ शीर्षक वाले अध्याय को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इसी मुद्दे पर रविवार को मुजफ्फरनगर में शिवाजी सेना के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर पाठ्यक्रम में संशोधन की मांग की.
शिवाजी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर इस किताब में संशोधन नहीं हुआ तो वे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे. फिलहाल इस मामले में अभी तक शिक्षा विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 7 के कोर्स में भारत की महान विभूतियां एक किताब है, जिसमें अकबर महान नाम का पाठ 12 है जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है. शिवाजी सेना का इस मामले में कहना है कि अकबर एक क्रूर शासक था लेकिन इस अध्याय में अकबर को महान बताया गया है जो पूरी तरह गलत है. इसलिए अगर जल्द ही इस पाठ्यक्रम में संशोधन नहीं हुआ तो शिवाजी सेना सड़क पर उतरकर पूरे उत्तर प्रदेश में इसका विरोध करेगी.
शिवाजी सेना के मुजफ्फरनगर जिला अध्यक्ष अर्चित आर्य का कहना है कि जो इतिहास है वह सच्चा होना चाहिए और वही सामने भी आए. जिससे हमारे आने वाले बच्चों की जो नस्ल है वह खराब ना हो अगर अकबर की महानता पर चलेंगे तो आने वाला समय इस देश के लिए घातक होगा.
अकबर के क्रूर शासक होने का दावा
अर्चित आर्य ने कहा कि अगर अकबर महान था तो महाराणा प्रताप जी कौन थे ? फिर महाराणा प्रताप जी ने उसकी अधीनता स्वीकार क्यों नहीं की ? महाराणा प्रताप जी ने स्वाधीनता की लड़ाई क्यों लड़ी? सही इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए, बच्चों को गलत जानकारियां दी जा रहीं हैं. आगे कहा कि हम अपने बच्चों को अकबर नहीं बनने देंगे. सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे.
उधर इस मामले में शिक्षा विभा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. जबकि इस मामले के तूल पकड़ने की बात कही जा रही है. अब देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले में क्या फैसला होता है ?
