लोकसभा में बुधवार को नीट पेपर लीक मुद्दे पर सिर्फ कांग्रेस और बीजेपी को बोलने का अवसर मिलने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव नाराज हो गए. स्पीकर ओम बिरला के सामने अपनी आपत्ति जताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आपने कांग्रेस और बीजेपी को बोलने का अवसर दिया, क्या आपने इनसे समझौता किया है? अखिलेश यादव ने कहा, ‘आपने इनको (कांग्रेस) बोलने दिया, बीजेपी को बोलने दिया, क्या आपने समझौता कर लिया है? आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया? अध्यक्ष जी, यह पक्ष बिल्कुल ठीक नहीं है. ये युवा-छात्र हम सभी के हैं. हम सभी उनके लिए लड़ रहे हैं.’
हम सड़कों पर आएंगे: अखिलेश यादव
नीट मामले पर अखिलेश ने कहा, ‘यह मामला कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या बीजेपी का नहीं है, बल्कि यह नौजवानों और छात्रों का है. अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे. सपा प्रमुख ने विरोध प्रदर्शनों से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना की और आरोप लगाया कि प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया. उन्होंने कहा, ‘सरकार ने छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया, उनके हाथ-सिर तोड़े गए, उनके कपड़े फाड़े गए. क्या आप (सरकार) हमारी बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे?’
ओम बिराल ने अखिलेश यादव को दिया जवाब
इस पर ओम बिरला ने कहा, ‘आपके आपस के विवाद को मैं यहां सीट पर बैठकर नहीं मिटा सकता. सभी पक्षों की राय आ चुकी है. आप (समाजवादी पार्टी) भी चर्चा चाहते हैं, वे (कांग्रेस) भी चर्चा चाहते हैं और सरकार भी चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती. इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.’
मजबूरी में पीएम आवास पर गए: अखिलेश यादव
प्रधानमंत्री आवास के पास विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, ‘मैं और राहुल गांधी थे, हम मजबूरी में प्रधानमंत्री के आवास पर गए. अगर सरकार यहां (सदन) में सुन बात सुन लेती तो हम लोग वहां नहीं जाते. उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के लिए सरकार बाहर बोल सकती है, सदन में क्यों नहीं बोल सकती है. इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सदन में नीट का विषय उठाया और चर्चा की मांग की. इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है.
