धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर से आंदोलन खत्म करने का फैसला किया है. सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने सभी आंदोलनकारी छात्रों को वापस घर जाने के लिए कहा है. इस बीच ये मुद्द भी उठने लगा है कि क्या सीजेपी इसके बाद कोई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान कर सकती है. इस सवाल के जवाब में सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि ये आंदोलन छात्रों के लिए था और देश के छात्र बहुत समझदार है. उन्होंने ये भी कहा ये वक्त बताएगा कि आगे क्या होगा.
सरकार के साथ बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी बीजेपी शासित और बीजेपी सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं. यह भी हमारी दूसरी मांग थी. सरकार ने वह मांग भी मान ली है. इसके अलावा, जल्द ही FIR वापस ले ली जाएंगी.’
उन्होंने कहा, ‘सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी FIR की कॉपी शेयर करेगी, हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 FIR दर्ज की गई थीं. हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी. सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही FIR वापस ले ली जाएंगी. यह समझते हुए हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट शेयर किया है जो एक लिखित गारंटी है. सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ शेयर करेगी. हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन FIR और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के बारे में सरकार की गारंटी मिल जाएगी.’
कॉकरोच जनता पार्टी के डेलीगेशन से बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज हमारी लंबी बातचीत हुई. वे एक लिखा हुआ ड्राफ्ट लाए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन में चल रहे केस के बारे में 4 पॉइंट्स रखे थे. इसके साथ ही, हमने बाकी 2 मांगों पर भी बात की. कोई बदले की कार्रवाई न की जाए, मुआवजा दिया जाए और उनके 5 पॉइंट वाले चार्टर पर विचार किया जाए. हम उन्हें FIR की कॉपी देंगे और कोई कार्रवाई नहीं होगी. दूसरी बात जो कही गई है, वह यह है कि मुआवजे के बारे में, सरकार ने साफ कहा है कि हमें भी सहानुभूति है. हम सभी ने कहा है कि नियम और कानून के हिसाब से मुआवजा होगा, जो भी ज्यादा से ज्यादा हो सकेगा, उन्हें दिया जाएगा.’
