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तानाशाही नहीं चलेगी, सरकार को झुकना पड़ा’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जानें क्या बोली प्रियंका गांधी


नीट परीक्षा विवाद और सड़कों पर उतरे छात्रों के भारी दबाव के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा है. इस बड़े सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस इस्तीफे को युवाओं के अडिग संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि देश में तानाशाही अब और नहीं चलेगी.

प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में गहरी खुशी जताते हुए कहा, ‘मैं कई कारणों से बहुत खुश हूं, लेकिन मुख्य कारण यह है कि आज हमारे देश के लोगों ने अपना देश उन लोगों से वापस लेना शुरू कर दिया है, जिन्होंने संविधान को नष्ट करने और जनता की आवाज को दबाने की हर संभव कोशिश की है.’

छात्रों के शांतिपूर्ण और गांधीवादी आंदोलन की सराहना करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘यह भारत के युवाओं की जीत है. मुझे उन पर गर्व है. उन पर पैलेट गन चलाई गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठियां बरसाई गईं. उन्हें गंभीर चोटें आईं, लेकिन वे झुके नहीं. इसके बजाय, सरकार को ही उनकी इच्छा के आगे झुकना पड़ा.’

उन्होंने इसे सत्ता के लिए एक कड़ा संदेश बताया. प्रियंका ने दो टूक लहजे में कहा, ‘यह देश के हर शासक के लिए आज और हमेशा के लिए एक सबक है. आपको जनता की इच्छा सुननी होगी. यह लोकतंत्र है, यहाँ जनता की इच्छा सर्वोपरि है. कोई भी तानाशाह या ताकत भारतीय लोगों की इच्छा को नहीं रोक सकती. आज हमारे छात्रों ने इसे साबित कर दिया है.’

मंगलवार को पीएम आवास के बाहर 3 घंटे चला था ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’

दिल्ली में मंगलवार, 21 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और परीक्षा धांधली के विरोध में विपक्ष ने सीधा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का रुख किया था. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में विपक्ष के दिग्गज नेता पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए था. इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी शामिल हुए. यह पूरा सड़क संघर्ष उन छात्रों के समर्थन में था, जो परीक्षा तंत्र की खामियों का खामियाजा भुगत रहे हैं. 

कड़ी सुरक्षा वाले इस वीवीआईपी इलाके में लगभग तीन घंटे तक जबरदस्त ड्रामा चलता रहा. जब सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत बेनतीजा रही, तो दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई. भारी पुलिस बल ने कार्रवाई करते हुए सभी प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और धरना स्थल को खाली करा दिया.





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