पेपर लीक से जुड़े बिल पर मंगलवार (28 जुलाई 2026) को सदन में चर्चा होगी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल के बाद सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस विधेयक पर चर्चा शुरू करने पर सहमति जाहिर की है. टीएमसी ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. पेपर लीक विरोधी बिल TMC सांसद डोला सेन ने कहा, ‘पहले चर्चा होने तो दीजिए फिर तो बात करे. हम तो 2014-2026 तक कभी नहीं देखें कि जिस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए उस पर कभी चर्चा हुई हो. हर एक मुद्दे पर वो चर्चा नहीं चाहते हैं. उन्हें तानाशाही पसंद है, लेकिन उन्हें चर्चा नहीं पसंद है.’
लोकसभा में नए बिल पर 6 घंटे होगी चर्चा
लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए कम से कम छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार (27 जुलाई 2026) को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 सदन में पेश किया. बिल के प्रावधानों के तहत परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है.
बिल में सजा के तौर पर क्या प्रावधान?
इस विधेयक में, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम सात साल के कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही के दौरान सभी दलों से विधेयक पर चर्चा शुरू करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, ‘यह हमारे देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य, उनकी मेहनत और उनकी आकांक्षाओं से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयक है. पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान कर करोड़ों युवाओं के हितों की रक्षा की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है.’
सोमवार को लोकसभा में नहीं हुई चर्चा
उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष को सहमति बनाने के लिए शाम पांच बजे तक का समय देते हुए कहा था कि इसके बाद विधेयक पर चर्चा शुरू की जा सकती है. स्पीकर ने कहा कि वह विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय देने को तैयार हैं और सदस्यों की इच्छा होने पर समय और बढ़ाया जा सकता है. हालांकि, सदन में सोमवार को विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी और तीन बार के स्थगन के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई. बताया जा रह है कि लोकसभा अध्यक्ष ने विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं से बातचीत की.
इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मंगलवार को विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए सहमति बनी. सरकार राज्यसभा में मंगलवार को, राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने के प्रावधान वाले विधेयक पर चर्चा और पारित कराने की तैयारी में है.
