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भारतीय मूल के छात्रों का कमाल, अमेरिका की टॉप साइंस प्रतियोगिता में बनाई जगह  


3M Young Scientist Challenge: अमेरिका के 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज 2026 में भारतीय-अमेरिकी छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इस साल प्रतियोगिता के टॉप 10 फाइनलिस्ट में पांच भारतीय अमेरिकी मिडिल स्कूल के छात्रों ने जगह बनाई. खास बात यह है कि इन छात्रों ने ऐसे वैज्ञानिक प्रोजेक्ट तैयार किए हैं जो स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, सड़क सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, समुद्री विज्ञान और जल संरक्षण जैसी वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने पर आधारित है. 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज अमेरिका की सबसे बड़ी विज्ञान प्रतियोगिता में से एक है. जिसमें कक्षा 5 से 8 तक के छात्र हिस्सा लेते हैं. प्रतियोगिता के विजेताओं को 25,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और अमेरिका का टॉप यंग साइंटिस्ट का खिताब दिया जाएगा. 

इन भारतीय-अमेरिकी के छात्रों ने बनाई जगह 

  1. शार्वी महाजन (कैलिफोर्निया) 
  2. राजी दोशी (कनेक्टिकट) 
  3. आरिका कुंडू (मिनेसोटा) 
  4. आयशा आसिफ (फ्लोरिडा)
  5. नबोश्री सन्ट्रा (फ्लोरिडा)

किसी छात्र ने क्या बनाया? 

  • शार्वी महाजन ने न्यूरो ड्राइव अलर्ट नाम का एक का एआई और ईईजी आधारित सिस्टम तैयार किया है, जो वाहन चलाते समय ड्राइवर की थकान और माइक्रो-स्लीप का पहले ही पता लगाने में मदद कर सकता है. इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है. 
  • राजी दोशी ने शैवाल और कैल्शियम आधारित पदार्थों की मदद से ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जो समुद्री में बढ़ती अल्मीयता को कम करने में मदद कर सकता है.
  • आरिका कुंडू ने LIGNEX नाम की तकनीक तैयार की है, जिसमें मूंगफली के छिलकों खाद का उपयोग करके फलों और सब्जियों पर मौजूद कीटनाशकों के अवशेष हटाने का तरीका विकसित किया गया है. 
  • आयशा आसिफ ने मसल से प्रेरित एक पर्यावरण अनुकूल चिपकने वाला पदार्थ तैयार किया है, जिसका इस्तेमाल समुद्री विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है 
  • नबोश्री सन्ट्रा ने बायोडिग्रेडेबल सॉइल शेड बॉल्स विकसित किए हैं, जो मिट्टी में नमी बनाए रखने और सुख के दौरान पानी की कमी को कम करने में मदद कर सकते हैं.

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फाइनल से पहले वैज्ञानिकों की मेंटरशिप

प्रतियोगिता के अगले चरण में सभी फाइनलिस्ट को 3M के वैज्ञानिक के साथ विशेष मेंटरशिप प्रोग्राम में शामिल किया जाएगा. इस दौरान छात्र अपने प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाने पर काम करेंगे और एक्सपर्ट से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे. इसके बाद सभी फाइनलिस्ट 12 और 13 अक्टूबर को अमेरिका के सेंट पॉल स्थित 3M इन्नोवेशन सेंटर में आयोजित फाइनल प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे. यहां उन्हें लाइव साइंस चैलेंज पूरे करने होंगे और अपने प्रोजेक्ट एक्सपर्ट्स के पैनल के सामने प्रस्तुत करने होंगे. वहीं इस वर्ष में फाइनलिस्ट की खासियत यह मानी जा रही है कि उनके प्रोजेक्ट उन समस्याओं पर केंद्रित है, जिनका सामना लोग हर दिन करते हैं.

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