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गंभीर-कोहली बहस पर पूर्व अंपायर अनिल चौधरी का बड़ा बयान- ‘जरूरी है, वरना…’


पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी का मानना ​​है कि विराट कोहली जैसे जोश से भरे खिलाड़ी खेल का आकर्षण बनाए रखने के लिए बहुत ज़रूरी हैं. उन्होंने यह भी बताया कि यह स्टार बल्लेबाज़ बिना किसी बुरी भावना के, सिर्फ़ खेल की ज़बरदस्त प्रतिस्पर्धा की भावना के कारण आक्रामक व्यवहार करता है. कोहली, जो हाल ही में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भारत की 2-1 से वनडे सीरीज़ हार का हिस्सा थे, अब सितंबर में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ सीरीज़ में खेलते हुए नज़र आएंगे.

अनिल चौधरी ने कहा, “असल में, विराट के मामले में मुझे यह फ़ायदा रहा कि मैंने बचपन से ही उनके मैचों में अंपायरिंग की है, इसलिए मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं. उनके मन में किसी के प्रति कोई बुरी भावना नहीं है.”

चौधरी ने JioHotstar पर कहा,”वे कभी-कभी आक्रामक हो जाते हैं, लेकिन अगर आप सही हैं, तो वे आपकी तारीफ़ भी करेंगे. ओवरों के बीच, वे आपके पास आकर आपके कंधे पर हाथ रख सकते हैं, लेकिन वे हमेशा जोश से भरे रहते हैं. ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए; वरना खेल उबाऊ हो जाएगा.”

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IPL में मैदान पर 2013 में कोहली और गौतम गंभीर के बीच हुई मशहूर बहस पर बात करते हुए चौधरी ने कहा कि आक्रामकता खिलाड़ियों की खासियत है और यह खेल में एक अलग मज़ा लाती है, बशर्ते यह सीमा के भीतर रहे.

उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि ऐसा कुछ होगा क्योंकि नॉर्थ के सभी खिलाड़ी आक्रामक होकर खेलते हैं. मैंने भी लोकल क्रिकेट खेला है और हमारे खिलाड़ी हमेशा इसी तरह खेलते रहे हैं. अगर वे उस आक्रामकता के साथ नहीं खेलेंगे, तो उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं होगा. अगर आप खिलाड़ियों पर बहुत ज़्यादा पाबंदियां लगा देंगे, तो खेल का मज़ा ही नहीं रहेगा लेकिन एक सीमा होती है, और उसे पार नहीं किया जाना चाहिए.”

नॉन-स्ट्राइकर एंड पर रन-आउट को लेकर चल रही बहस पर बात करते हुए, चौधरी ने आउट करने के इस तरीके का बचाव किया. साथ ही, उन्होंने अनुमान लगाया कि क्रिकेट अधिकारी जल्द ही बल्लेबाजों के गलत तरीके से जल्दी दौड़ शुरू करने पर रोक लगाने के लिए एक तय पेनल्टी सिस्टम लागू कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, “क्रिकेट में इस तरह आउट करना सही है. नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़ा बल्लेबाज़ इतनी दूर तक दौड़ पड़ता है कि उसे फ़ायदा मिलता है. उसे दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए बस कुछ ही कदम और चलना होता है, जो कि गलत है. मुझे लगता है कि बहुत जल्द, एक-दो साल में, एक नियम आएगा जिसमें वॉर्निंग सिस्टम होगा. एक वॉर्निंग, दो वॉर्निंग, और फिर रन पेनल्टी.”

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