इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद होने वाली बीसीसीआई की अहम रिव्यू मीटिंग फिलहाल टाल दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की तबीयत खराब होने की वजह से यह बैठक तय समय पर नहीं हो सकी. अब उम्मीद है कि यह बैठक अगले कुछ दिनों में आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर वर्चुअली शामिल हो सकते हैं. टी20 विश्व चैंपियन भारत का हालिया विदेशी दौरा उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत रहा. टीम ने आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर कुल 10 मुकाबले खेले, लेकिन सिर्फ दो मैच ही जीत सकी. आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 2-0 से क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा. इस सीरीज में पहली बार श्रेयस अय्यर ने टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी.
इसके बाद इंग्लैंड दौरे पर भी भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारत को 3-1 से हार मिली, जबकि एक मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया. इसके बाद वनडे सीरीज में भी शुबमन गिल की कप्तानी वाली टीम 2-1 से सीरीज गंवा बैठी.
बल्लेबाजों की रणनीति पर उठे सवाल
विदेशी दौरों पर भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा आलोचना का विषय बना. कई पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि आईपीएल 2026 और घरेलू टी20 विश्व कप से पहले लगातार सपाट पिचों पर खेलने की वजह से बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल नहीं सके. मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी स्वीकार किया था कि खिलाड़ियों को सिर्फ पिच ही नहीं, बल्कि मैच की परिस्थितियों, हवा की दिशा और मैदान के आकार जैसी छोटी-छोटी बातों को भी बेहतर तरीके से समझने की जरूरत है.
चोटिल खिलाड़ियों पर भी होगी चर्चा
रिव्यू मीटिंग में टीम के बढ़ते चोटिल खिलाड़ियों का मुद्दा भी प्रमुख रहेगा. हाल ही में जसप्रीत बुमराह श्रीलंका टेस्ट दौरे से बाहर हो गए, जबकि साई सुदर्शन, हर्षित राणा, वॉशिंगटन सुंदर और नितीश रेड्डी भी चोट से उबर रहे हैं. लगातार बढ़ती इंजरी की घटनाओं के बाद टीम के फिजियो कमलेश जैन की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है. रिपोर्ट्स के अनुसार कप्तान शुभमन गिल और मुख्य कोच गौतम गंभीर भी प्रमुख खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने से संतुष्ट नहीं हैं.
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बीसीसीआई की इस रिव्यू मीटिंग में विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन, खिलाड़ियों की रणनीति, टीम चयन और बढ़ती इंजरी की समस्या जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. इन फैसलों का असर भारत की आगामी अंतरराष्ट्रीय सीरीज और टीम की तैयारियों पर भी पड़ सकता है.
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