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1995 में मिला था देश छोड़ने का आदेश, झूठी पहचान से US में बसा भारतीय, केस दर्ज


अमेरिका के कंसास राज्य में सरकारी वकीलों ने भारत में जन्मे एक व्यक्ति, हरिंदर सिंह (जो ओलाथे में रहते हैं), की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने के लिए अदालत में याचिका दायर की है. अधिकारियों का कहना है कि हरिंदर सिंह ने अपनी असली पहचान छिपाकर और गलत जानकारी देकर नागरिकता हासिल की थी.

नाम और पहचान बदलने का आरोप
1991 में जब अमेरिका के आव्रजन विभाग (INS) ने उन्हें पहली बार न्यूयॉर्क के JFK एयरपोर्ट पर रोका था, तब उन्होंने अपना नाम रशपाल सिंह बताया था. 1995 में अमेरिकी अदालत ने उन्हें देश से बाहर निकालने का आदेश दिया था. हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वे अमेरिका छोड़कर कभी नहीं गए. 1996 में उन्होंने ‘हरिंदर सिंह’ नाम से अमेरिका में रहने का नया आवेदन जमा किया. इस बार उन्होंने अपनी जन्म तिथि, अमेरिका आने की तारीख और रहने का कारण सब कुछ बदल दिया.

2008 में मिली नागरिकता

इसके बाद फर्जी जानकारी के आधार पर उन्हें पहले पक्का निवासी बनाया गया और 2008 में उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिल गई. उन्होंने नागरिकता लेते समय अपनी पुरानी पहचान की जानकारी छुपाए रखी. अब अमेरिकी सरकार उनकी नागरिकता रद्द करने और उनके नागरिकता प्रमाणपत्र को अमान्य करने की मांग कर रही है.

अमेरिका में बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 20 जनवरी 2025 से अब तक लगभग 123 लोगों की नागरिकता रद्द करने के लिए मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. इसी तरह का एक और मामला मई में देबाशीष घोष (इलिनॉय राज्य निवासी) के खिलाफ भी दर्ज किया गया था. देबाशीष 1991 से अलग-अलग वीजा पर अमेरिका आते-जाते रहे और 2012 में उन्होंने अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी. उन पर भी गलत तरीकों से नागरिकता लेने का आरोप है.

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