करीब तीन महीने के डर, बेचैनी और अनिश्चितता के बाद आखिरकार पिथौरागढ़ के दो भाई अपने घर लौट आए हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सीधी दखलंदाजी और राज्य सरकार के लगातार प्रयास से रूस में करीब 97 दिनों से फंसे आनंद सिंह कार्की और भूपेंद्र सिंह कार्की अब सुरक्षित अपने परिवार के बीच हैं.
दोनों भाइयों के घर पहुंचते ही मुख्यमंत्री धामी ने खुद फोन कर उनका हाल-चाल जाना और पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तार से बातचीत की. इतने लंबे इंतजार के बाद अपने बेटों को सही सलामत देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं.
ट्रैवल एजेंसी ने अच्छी नौकरी का लालच देकर वसूले 8 लाख रुपए
यह पूरा प्रकरण एक धोखे की कहानी है, जानकारी के मुताबिक सितारगंज की एक ट्रैवल एजेंसी ने दोनों भाइयों को विदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच दिया. परिवार के अनुसार इस झांसे में आकर उनसे करीब 8 लाख रुपये वसूले गए और फिर उन्हें रूस भेज दिया गया. दोनों भाई 5 मई 2026 को भारत से रवाना होकर अगले ही दिन यानी 6 मई को मॉस्को पहुंचे थे. लेकिन वहां पहुंचते ही असली सच्चाई सामने आई. परिजनों के अनुसार जिस काम का वादा करके उन्हें भेजा गया था वह काम तो नहीं मिला ,बल्कि उनकी मर्जी के खिलाफ उन्हें बिना किसी मेहनताने के दूसरे कामों में लगा दिया गया.
हालात इतने बदतर थे कि दोनों युवकों को अपनी मर्जी से कहीं आने जाने की भी इजाजत भी नहीं थी. काम करने से इनकार करने पर उन्हें धमकियां दी जाती थीं. धीरे-धीरे परिवार से संपर्क भी टूटने लगा, जिससे घर में चिंता का माहौल बढ़ता गया. परिवार के लिए सबसे डरावना पल तब आया जब आखिरी बार बात होने पर बेटों ने बताया कि जिस इमारत में उन्हें रखा गया है, उसके आसपास ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका है.
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मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के 97 दिन बाद दोनों लौटे घर
जैसे ही यह मामला मुख्यमंत्री धामी के संज्ञान में आया, उन्होंने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को तुरंत दोनों युवकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. इसके बाद राज्य सरकार का अमला हरकत में आया और विदेश मंत्रालय व रूस स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार तालमेल बिठकर वापसी की प्रक्रिया को गति दी गई. जिसके बाद 97 दिन के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार दोनों भाई सुरक्षित घर लौट गए.
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उतराखंड का कोई भी नागरिक चाहे दुनिया के किसी भी कोने में मुश्किल में हो, राज्य सरकार उसकी मदद के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा, स्वाभिमान और हित की हिफाजत करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. साथ ही उन्होंने बताया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में राज्य सरकार हमेशा केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के साथ मिलकर हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास करती है.
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