बुधवार (12 अगस्त) को संसद के मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच जमकर टकराव देखने को मिला. दोनों पक्षों ने सदन के कामकाज को लेकर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए हैं. विवादित मुद्दों पर चर्चा अलग-अलग रखने की मांग रखी. इसी बीच संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अभी नीट पर बहस के लिए तैयार हैं. गृहमंत्री अमित शाह इंतजार कर रहे हैं. इसके कुछ देर बाद हंगामा बढ़ते देख लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है. अब 13 अगस्त 2026 की सुबह 11 बजे फिर से सदन की कार्यवाही शुरू होगी.
किरेन रिजिजू बोले- हमल लोग नीट पर चर्चा के लिए तैयार हैं
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष के इस विरोधात्मक रवैये पर कहा है कि, ‘ये जो अनुशासनहीनता (Indiscipline) से काम कर रहे हैं, वो ठीक नहीं है. लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार अभी चर्चा करने के लिए तैयार है.’
किरेन रिजिजू ने सदन में जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘अगर आप लोग शांति से बैठेंगे तो हम लोग अभी इसी वक्त चर्चा के लिए तैयार हैं. इस दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा. विपक्ष के सांसद वेल में उतर गए. वह स्पीकर जगदंबिका पाल पर सवाल खड़े कर रहे हैं. किरेन रिजिजू ने कहा, सभी अपनी-अपनी सीट पर चले जाएं. सरकार अभी चर्चा शुरू कर देगी. मॉनसून सत्र के दो दिन बचे हैं. हम पूरी तरह से तैयार हैं. दो दिन बचे हैं. उसको बर्बाद नहीं करना चाहिए.’
जगदंबिका पाल विपक्ष से बोले- आप आने वाली पीढ़ी को क्या मैसेज देंगे?
वहीं, जगदंबिका पाल ने विपक्ष से कहा, ‘जब सरकार तैयार है, तो आप गृहमंत्री से जवाब चाहते हैं. तो डेडलोक खत्म हो गया है. लगातार आपने सदन को बाधित रखा. सरकार चर्चा के लिए तैयार है. गृहमंत्री अमित शाह हर बिंदु को जवाब देने के लिए तैयार हैं. इसपर जगदंबिका पाल ने विपक्ष को कहा कि बार-बार संसदीय कार्यमंत्री के आग्रह के बाद भी आप गृहमंत्री का जवाब नहीं चाहते. आप चर्चा के लिए तैयार हैं तो I am Requesting आप सदन के Well को खाली करवा दीजिए. चर्चा अभी शुरू करवा देंगे. जहदंबिका पाल ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को क्या मैसेज देंगे. जो भी बिल है, वो देश हित में हैं. सरकार के आग्रह के बाद भी आप चर्चा में भाग नहीं ले रहे हैं.’
नितिन नबीन बोले- विपक्ष की अराजक मानसिकता
बीजेपी से राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने कहा, ‘संसद में विपक्ष की तरफ से लगातार किया जा रहा व्यवधान उनकी अराजक मानसिकता को उजागर करता है. हर अहम मुद्दे पर चर्चा करने की मोदी सरकार की बार-बार की कोशिशों के बावजूद, विपक्ष चर्चा से भागता है और संसद को कामकाज करने से रोकता है. जनता सब देख रही है और अब जानती है कि असल में चर्चा से कौन भाग रहा है.’
