लखीसराय (Lakhisarai) के अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी (17 अगस्त, 2026) पर सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Bihar CM Samrat Choudhary) की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है.
इस हादसे के बाद कई तरह के सवाल उठने लगे हैं आखिर ये घटना कैसे हुई? किसकी लापरवाही है? प्रशासन की ओर से क्या कोई तैयारी नहीं की गई थी? इस पर जांच की जा रही है. लेकिन शुरुआती तौर पर हादसे का कारण अफवाह बताया जा रहा है. नीचे पढ़िए हादसे से जुड़ी बड़ी बातें.
दो ट्रेनें आईं.. भीड़ बेकाबू
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार का कहना है कि भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ गई थी. सुबह करीब 6.30-6.45 बजे दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई. अचानक एक बिजली का एक खंभा गिर गया. यह खंभा पुरुषों की लाइन की ओर था. खंभा गिरने पर अफवाह फैल गई कि लोगों पर बिजली का तार (लाइव वायर) गिर गया है, लेकिन वह केबल वायर था.
डीएम ने कहा, “इससे बाईं ओर महिलाओं की लाइन पर दबाव बन गया. इस वजह से महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं… पुलिस प्रशासन सुबह 3 बजे से ही वहां गश्त कर रहा था. यह सब अचानक 2 मिनट के अंदर हुआ. मरने वाली सभी महिलाएं हैं. हम मरने वालों की सही संख्या का पता लगा रहे हैं.”
इस हादसे में 15 से 20 के करीब श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है. इनका इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों को लखीसराय जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने चार-चार लाख का चेक दे दिया है.
घटना की जांच FSL की टीम कर रही है. वरीय वैज्ञानिक सहायक ब्रजेश कुमार ने कहा, “पोल का बेस कमजोर था, इसलिए गिरा.” बता दें यह घटना अशोक धाम स्टेशन से मंदिर जाने वाले मार्ग पर हुई है.
प्रशासनिक अव्यवस्था के चलते हादसा?
अफवाह और भगदड़ के चलते भले यह हादसा माना जा रहा हो लेकिन विपक्ष सीधे तौर पर सरकार और प्रशासन को घेर रहा है. तेजस्वी यादव ने कहा, “सावन के तीसरे सोमवार पर बिहार के लखीसराय जिले के अशोक धाम (इंद्र दमनेश्वर महादेव मंदिर) में जलाभिषेक के दौरान बिजली का तार गिरने से फैले करंट, मची अफरा तफरी और भगदड़ से हुए दुखद हादसे में अनेक श्रद्धालुओं के घायल होने व 7 की असामयिक मृत्यु के समाचार से मर्माहत हूं. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की उचित सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन नहीं होना एनडीए सरकार की प्रशासनिक कुव्यवस्था का परिचायक है. शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं तथा मृतकों को श्रद्धांजलि! सरकार मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि एवं घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था करें. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं.”
किसने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “बिहार के लखीसराय में भगदड़ से हुई मौतों से दुखी हूं. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद कर रहा है.”
नीतीश कुमार: “लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है. हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर से मर्माहत हूं. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना है. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है.”
सीएम सम्राट चौधरी: “लखीसराय के अशोकधाम हाल्ट पर हुई हृदयविदारक दुर्घटना में सभी मृतकों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से ₹4-4 लाख अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा. दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदना और प्रतिबद्धता के साथ शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है.”
मंत्री संतोष कुमार सुमन: “इस तरह की घटनाओं से सभी को सबक लेने की जरूरत है. श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान देने से बचना चाहिए. किसी भी परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना चाहिए.”
विजय कुमार सिन्हा: “बहुत दुखद घटना है. पीड़ित परिवार के प्रति हमारी संवेदना है. मैं घटनास्थल पर जा रहा हूं. मैंने सुबह 5 बजे अपने कार्यकर्ता जो राहत शिविर चलाते हैं उनसे बात की, सभी कुछ सामान्य था, बहुत उत्साहजनक वातावरण था. ये घटना मंदिर परिसर के बाहर हुई है. संबंधित पदाधिकारी से बात हुई है. करंट की अफवाह फैलने से घटना हुई है. सरकार की ओर से राहत व्यवस्था चलाई जाएगी.”
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह: “अशोक धाम में सावन महीने के तीसरे सोमवार के दिन अचानक काफी भीड़ बढ़ गई. एक अफवाह फैली की बिजली का तार गिर गया है करंट आ गई है, जिसके कारण भगदड़ मची और उसमें कई लोगों की मृत्यु हो गई मैं मृतकों के परिवार जनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं…”
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान: “लखीसराय में हुई हृदयविदारक भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है. श्रद्धालुओं की असमय मृत्यु की खबर से मन गहरा आहत है. इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं दिवंगत श्रद्धालुओं के परिजनों के साथ हैं. ईश्वर पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवारों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं कुशलता की ईश्वर से प्रार्थना है.”
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स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार: “अशोकधाम मंदिर, लखीसराय में हुई दुखद भगदड़ की घटना से मन व्यथित है. इस हादसे में श्रद्धालुओं के निधन का समाचार बेहद पीड़ादायक है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है.”
संजय सरावगी: “आज सुबह लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में हुई भगदड़ की घटना बेहद दुखद है. इस हादसे में श्रद्धालुओं के निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकाकुल परिजनों को संबल एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा है और घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. ॐ शांति!”
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