हरियाणा में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 31 जुलाई को प्रकाशित किया गया था. मतदाता सूची में 16.39 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. हालांकि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने वालों में औद्योगिक जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों का ही अकेले लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा है.
अब तक जिन राज्यों में SIR हुआ है उनमें मतदाताओं के नाम काटे जाने के हिसाब से हरियाणा तीसरे स्थान पर है. इससे पहले सिर्फ अरुणाचल प्रदेश में 19.09 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे.
83.61 प्रतिशत वोटर्स ने जमा किए फॉर्म
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार हरियाणा के 83.61 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया, जिसके आधार पर उनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए गए. शेष 16.39 प्रतिशत मतदाताओं को स्थानांतरित/अनुपस्थित/अन्य, मृत और एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए जाने की श्रेणी में रखा गया, जिसके कारण उनके नाम मसौदा सूची से हटा दिए गए.
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11.68 प्रतिशत वोटर्स एड्रेस पर नहीं मिले
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 तक राज्य में कुल 2,06,55,929 मतदाता थे. इनमें से 1,72,72,627 मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया, जो राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 83.6 प्रतिशत है. सत्यापन के दौरान 24.13 लाख मतदाता, यानी कुल मतदाताओं के 11.68 प्रतिशत, अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले.
निर्वाचन विभाग के अनुसार, इनमें से कई लोग किसी दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरित हो चुके थे, लंबे समय से अनुपस्थित थे या निर्धारित समय सीमा में अपना गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे. 7.66 लाख मतदाता, यानी 3.71 प्रतिशत, मृत पाए गए. इसके अलावा 2.04 लाख मतदाताओं (0.99 प्रतिशत) के नाम दो या उससे अधिक विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज पाए गए.
30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की लास्ट डेट
31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि रखी गई है. इस दौरान पात्र नागरिक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने नाम को मतदाता सूची में शामिल कराने, नाम हटाने या किसी गलती में सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा मतदाता किसी गलत प्रविष्टि के खिलाफ आपत्ति भी दर्ज करा सकते हैं. इन मामलों की जांच के लिए 90 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 1,601 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) तैनात किए गए हैं.
गुरुग्राम- फरीदाबाद में कटे सबसे ज्यादा नाम
निर्वाचन विभाग के अनुसार, दावे और आपत्तियों के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों की विस्तृत जांच की जाएगी. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. सबसे ज्यादा मतदाता गुरुग्राम जिले में काटे गए हैं. जिले में SIR शुरू होने से पहले 15,55,034 मतदाता थे जो घटकर 11,01,955 रह गई है और 4,53,468 मतदाताओं के नाम बाहर कर दिए गए हैं.
जिले की बादशाहपुर विधानसभा में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई. यहां SIR से पहले 5,41,895 मतदाता थे जिनकी संख्या घटकर 3,66017 हो गई है. गुरुग्राम विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 4,50,200 से घटकर 2,71,210 रह गई है. सोहना विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 3,03,243 से घटकर 2,45,335 रह गई है. पटौदी में 2,59,696 मतदाता थे जिनकी संख्या घटकर 2,19,393 रह गई है.
फरीदाबाद जिले में भी SIR से पहले 18.8 लाख मतदाता थे जिनकी संख्या घटकर 13.7 लाख रह गई है और 5.1 लाख मतदाता नाम सूची से हटाए गए हैं.
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