उत्तर प्रदेश के उन्नाव में रक्षाबंधन के पर्व पर छात्रों ने देश की सीमा पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए अनोखी पहल की है. नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक और एक दर्जन से ज्यादा छात्र जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. छात्राओं ने जिलाधिकारी घनश्याम मीणा के माध्यम से सीमा पर तैनात जवानों के लिए 200 से ज्यादा राखियां भेजीं.
छात्राओं का कहना है कि रक्षाबंधन के दिन सैनिक भाई अपने घर नहीं आ पाते हैं, इसलिए उनकी कलाई राखी से सूनी न रहे, इसी भावना के साथ ये राखियां भेजी गई हैं. जिलाधिकारी ने इस पहल को सराहा.
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जिलाधिकारी को राखी सौंपी
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और प्रेम का प्रतीक है. लेकिन देश की सीमाओं पर तैनात जवान अक्सर त्योहारों पर अपने परिवार से दूर रहते हैं. ऐसे में उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र की छात्राओं ने सैनिक भाइयों तक अपनापन और सम्मान पहुंचाने की पहल की है. नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के शिक्षक एक दर्जन से ज्यादा छात्र-छात्राओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे. यहां छात्राओं ने देश की सीमा की रक्षा कर रहे जवानों के लिए 200 से ज्यादा राखियां जिलाधिकारी घनश्याम मीणा को सौंपीं.
इन राखियों को जिलाधिकारी के माध्यम से सीमा पर तैनात सैनिकों तक भेजा जाएगा. छात्राओं का कहना है कि रक्षाबंधन पर जब सैनिक भाई अपने घर नहीं पहुंच सकते, तो कम से कम उनकी कलाई राखी से सूनी नहीं रहनी चाहिए. इसी सोच के साथ बच्चों ने अपने हाथों से राखियां तैयार कर उन्हें सैनिक भाइयों के लिए भेजा है. राखियां सौंपते समय छात्रों और शिक्षकों में खासा उत्साह नजर आया.
प्रशासन ने इस पहल को सराहा
जिला प्रशासन ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर सीमा पर तैनात सैनिक अपने परिवार से दूर रहते हैं. ऐसे में बच्चों की ओर से भेजी गईं ये राखियां उनके लिए अपनापन और परिवार जैसा एहसास देने का काम करेंगी। साथ ही इससे जवानों का मनोबल और उत्साह भी बढ़ेगा.
प्रशासन ने अन्य स्कूलों और बच्चों से भी अपील की है कि वे सैनिकों के सम्मान और मनोबल बढ़ाने के लिए इसी तरह के छोटे-छोटे नवाचार करें. बच्चों की यह पहल देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान, प्रेम और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाली है.
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