दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा को लाल गुड़हल या लाल फूल अर्पित करें. मां लक्ष्मी को कमल चढ़ाएं. परिवार की सुख,समृद्धि और संकटों से रक्षा की प्रार्थना करें.

स्थिर लक्ष्मी प्राप्ति के लिए पान में गुलाब की 7 पंखुरियां रखकर तथा मां दुर्गा को अर्पित करें. मान्यता है इससे धन प्राप्ति के योग बनते है.

शाम के समय पूजा स्थल पर मां दुर्गा और मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं. ज्योतिषीय दृष्टि से गुरुवार को दीपदान करना गुरु ग्रह से जुड़े शुभ प्रभावों को मजबूत करने वाला उपाय माना जाता है. गुरु मजबूत हो तो भाग्य का साथ मिलता है, ज्ञान में वृद्धि और तरक्की के रास्ते खुलते हैं.

दुर्गाष्टमी पर व्रत रखकर सुबह स्नान के बाद मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें. मां लक्ष्मी के लिए ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.

मां दुर्गा की पूजा में हलवा, चना और पूड़ी का भोग लगाने की परंपरा है. मां लक्ष्मी को खीर, सफेद मिठाई या मखाने का भोग लगाना चाहिए. मान्यता है इससे देवी प्रसन्न होती हैं.

इस दिन छोटी कन्याओं को घर बुलाकर भोजन कराएं और उन्हें फल, मिठाई या उपयोगी वस्तुएं भेंट करें. 2-10 साल तक की कन्याओं की पूजा और उन्हें भोजन कराना देवी को प्रसन्न करता है, ऐसी मान्यता है.
Published at : 19 Aug 2026 05:48 PM (IST)
