पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 20 अगस्त रात 12 बजे तक पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को अदियाला जेल से शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट किया जाना है. शिफा अस्पताल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पाकिस्तानी सेना और इस्लामाबाद पुलिस ने अस्पताल को अपने कब्जे में किया.
इमरान खान को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को बेहतर इलाज के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का आदेश दिया था. अदालत ने कहा कि यह आदेश इमरान खान की सेहत और जीने के अधिकार और मेडिकल सेवाओं तक पहुंच की संवैधानिक गारंटी को देखते हुए जारी किया जा रहा है. अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे इमरान खान और उनके परिवार के सदस्यों के बीच हर हफ्ते मुलाकात की भी व्यवस्था करें और एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया, जिसमें उनके प्राइवेट डॉक्टर और उनकी बहन उज्मा खान भी शामिल होंगी.
इमरान खान मामले में पाक सरकार को झटका
इमरान खान को लेकर सुनाए फैसले के विरोध में पाकिस्तान की सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी, जिसे वहां की सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने अधूरे दस्तावेज और पेपर बुक होने का हवाला देते हुए वापस कर दिया. शहबाज सरकार ने बुधवार (19 अगस्त 2026) को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए इस आदेश की समीक्षा और इसे वापस लेने की मांग की थी.
सरकार ने तर्क दिया था कि ये आदेश जेल नियमों और न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है और इमरान खान के मामले में भेदभावपूर्ण है. याचिका में कहा गया कि यदि कोर्ट ने इस कानूनी प्रावधान पर गौर किया होता तो पूर्व प्रधानमंत्री को अदियाला जेल से इस्लामाबाद के प्राइवेट अस्पताल में ट्रांसफर करने का आदेश पारित नहीं किया जाता.
इमरान खान की पार्टी ने लगाए आरोप
पीटीआई के संसद और खैबर पख्तूनख़्वाह प्रांत में पार्टी के प्रमुख जुनैद अकबर ने आरोप लगाया है कि इमरान खान को जेल से अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए पूरी शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) तैयार है, लेकिन नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज उन्हें अस्पताल में नहीं शिफ्ट होने देना चाहती है, जिस कारण कोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक शिफ्टिंग नहीं हो पायी है.
