पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पिशनी जिले के सरनान इलाके पर बलूच लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है. इसकी साथ उन्होंने पुलिस थाने को विस्फोटक से उड़ा दिया है. मौके की तस्वीर भी सामने आई हैं. यहां एक बिल्डिंग से धुआं उठता नजर आ रहा है. पूरा घटनाक्रम 20 अगस्त का है. बलूच लड़ाकों के हमले और भीषण विस्फोट के बाद थाने की इमारत मलबे के ढेर में बदल चुकी है.
खरनान इलाके में पुल को तोड़ा, खानिजों की आवाजाही पर लगाई रोक
इसके अलावा बलूचिस्तान के लड़ाकू ग्रुप ने दावा किया है कि उन्होंने खरान इलाके में एक अहम पुल को तोड़ बलूचिस्तान प्रांत में सड़क संपर्क और खनिजों से लदे वाहनों की आवाजाही को रोक दिया है. उन्होंने संसाधनों से भरपूर इस इलाके पर पाकिस्तान के कंट्रोल के खिलाफ अपना ऑपेरशन भी तेज कर दिया है. बलूच समूह के दावों के मुताबिक, सोतकागन और खरान में मौजूद लड़ाकों ने भारी मशीनों का इस्तेमाल करके खरान को कराची से जोड़ने वाले मुख्य पुल को तोड़ दिया है. इस कथित कार्रवाई की वजह से इलाके के खनिजों और अन्य सामान ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है.
बलूचों का दावा- किसी भी विस्फोटक का नहीं किया इस्तेमाल
बलूचों ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में किसी भी विस्फोटक या इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस का इस्तेमाल नहीं किया गया है. साथ ही पुल को तोड़ने और सड़क जाम करने के लिए बुलडोजर जैसी भारी मशीनों का इस्तेमाल किया गया है. बलूच अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में अपनी आवाजाही में लगातार पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना शाम 6 बजे के बाद सड़क से यात्रा नहीं कर पाती हैं. दिन के उजाले में भी वे बलूच इलाकों में 20 मिनट से ज्यादा नहीं रुक पाते हैं.
