हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन शुक्रवार को सदन के अंदर और बाहर जमकर हंगामा देखने को मिला. राष्ट्रगान के बाद विपक्षी दल भाजपा ने सदन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् गाने की मांग उठाई, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. बढ़ते हंगामे और नारेबाजी के बीच विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन की कार्यवाही शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी.
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान के बाद भाजपा विधायक राष्ट्रगीत गाने की मांग करने लगे. इस पर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि विधानसभा की परंपरा के अनुसार सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है, जबकि राष्ट्रगीत का गायन कार्यवाही के समापन पर किया जाता है. अध्यक्ष के इस निर्णय के बाद विपक्ष ने सदन के भीतर नारेबाजी शुरू कर दी, वहीं सत्ता पक्ष के सदस्य भी विरोध में खड़े हो गए. दोनों पक्षों के बीच बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
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सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर लगाया राष्ट्रगान के विरोध का आरोप
कार्यवाही स्थगित होने के बाद सदन के बाहर भी राजनीतिक टकराव जारी रहा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर आए. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगान का विरोध किया है और कांग्रेस पार्टी राष्ट्रगान तथा राष्ट्रगीत दोनों का सम्मान करती है.
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान सत्र की शुरुआत में और राष्ट्रगीत सत्र के अंत में गाया जाता है, लेकिन भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दा उठा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विधानसभा की परंपराओं का सम्मान नहीं कर रही और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है.
विपक्ष ने कांग्रेस पर लगाए राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप
वहीं विपक्ष की ओर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विपिन परमार ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने सदन में राष्ट्रगीत गाने की विनम्र मांग की थी, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई. परमार ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के सम्मान के प्रति गंभीर नहीं है और इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है.
हंगामें के सदन की कार्यवाही स्थगित
इधर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने स्पष्ट किया कि लोकसभा सहित कई विधानमंडलों में भी सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से और समापन राष्ट्रगीत से करने की परंपरा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. इससे पहले सुबह सदन के अंदर जाने से पहले विपक्ष ने कांग्रेस पार्टी को पांच लाख नौकरियां देने का चुनावी वायदा याद दिलाया और कांग्रेस सरकार पर युवाओं के साथ छल करने का आरोप लगाया.
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