बिहार के लखीसराय (Lakhisarai News) स्थित सुप्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर (Ashokdham Mandir) में सावन की तीसरी सोमवारी को हुए उस दर्दनाक हादसे को कोई नहीं भूला है, जिसमें भगदड़ मचने से 7 महिलाओं की जान चली गई थी. अब कल यानी 24 अगस्त को सावन की अंतिम सोमवारी है. पिछली घटना से कड़ा सबक लेते हुए, इस बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की रणनीति में बहुत बड़ा बदलाव किया है. स्थानीय विधायक और सूबे के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने खुद डीएम, एसपी और मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर का कोना-कोना छाना और तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया.
हर 100 मीटर पर दंडाधिकारी, बुजुर्गों को मिलेगी प्राथमिकता
अंतिम सोमवारी पर उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पूरे अशोकधाम परिसर में हाई अलर्ट (High Alert) घोषित कर दिया गया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चप्पे-चप्पे पर फोर्स लगाई गई है और हर 100 मीटर की दूरी पर एक दंडाधिकारी (Magistrate) की तैनाती रहेगी. प्रशासन ने यह भी फैसला लिया है कि बुजुर्ग श्रद्धालुओं को जलार्पण के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी भी तरह की धक्के-मुक्की या परेशानी का सामना न करना पड़े. डीएम और एसपी की पूरी टीम की तैयारियों से मंत्री विजय सिन्हा काफी संतुष्ट नजर आए.
विधायक अमित कुमार रानू के घर पुलिस की रेड, कोर्ट के सर्च वारंट पर छापेमारी
पहली बार लगा ‘अर्घा सिस्टम’, विरोध पर मंत्री ने दिया जवाब
हादसों को रोकने और भीड़ को तेजी से नियंत्रित करने के लिए इस बार मंदिर में पहली बार ‘अर्घा सिस्टम’ (Argha System) लगाया गया है. हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने पुरानी परंपरा का हवाला देते हुए इस नई व्यवस्था का विरोध किया. इस पर मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, “जिला प्रशासन ने यह कड़ा निर्णय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया है. भीड़ नियंत्रण के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं और इसकी समीक्षा भी प्रशासन द्वारा ही की जाएगी.”
अंत में मंत्री ने आम श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन कर प्रशासन का सहयोग करें.
Input By : रणजीत कुमार सम्राट
