इंदौर में ‘वंदे मातरम’ गान को लेकर हुआ विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है. एमजी रोड थाने में कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह पूरा मामला 8 अप्रैल को नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान हुए विरोध से जुड़ा है, जिसने शहर की राजनीति को गरमा दिया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने निगम के बजट सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम’ गान का विरोध किया था. उन्होंने इसके पीछे धार्मिक कारणों का हवाला दिया और कहा कि इस्लाम में अन्य धर्मों की पूजा या गुणगान की अनुमति नहीं है. इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया.
बीजेपी ने दर्ज कराई शिकायत
इस मुद्दे पर बीजेपी पार्षद दल ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने इसे राष्ट्र का अपमान बताते हुए पहले संभागायुक्त को शिकायत दी और बाद में एमजी रोड थाने में एफआईआर दर्ज कराई. बीजेपी पार्षदों और निगम सभापति मुन्नालाल यादव ने भी पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए हैं. उन्होंने दोनों पार्षदों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.
पुलिस ने दोनों पार्षदों को थाने बुलाकर अलग-अलग करीब चार-चार घंटे तक पूछताछ की. अधिकारियों के मुताबिक मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है. इस दौरान सभी संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आगे की कार्रवाई ठोस साक्ष्यों के आधार पर की जा सके.
दोनों की गिरफ्तारी संभव
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है, जो गैर-जमानती हैं. ऐसे में दोनों पार्षदों की गिरफ्तारी की संभावना बनी हुई है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और साक्ष्यों व बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कह रही है.
