हल्द्वानी में कथित शुद्धीकरण के मामले को लेकर सोमवार को उत्तराखंड की सियासत में जमकर बवाल देखने को मिला, घटना के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने देहरादून में बीजेपी के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया. कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस के समर्थक और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड से सीएम आवास कूच करते नजर आए.
कांग्रेस नेताओं ने शुद्धीकरण मामले साझा संस्कृति पर हमला करार दिया है.कांग्रेस के अनुसार, लोकतंत्र में राजनैतिक दलों में असहमति स्वाभाविक है. किसी दल के कार्यक्रम स्थल को अशुद्ध बता कर उसका शुद्धीकरण करवाना समाज में विभाजन फैलाने की सोच को दर्शाता है. कांग्रेस पार्टी ने शुद्धीकरण मामले को लेकर बीजेपी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ मॉडल पर भी सवाल उठाया है.
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कांग्रेस नेताओं ने सरकार को लिया आड़े हाथ
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने उत्तराखंड में सदियों से चली आ रही भाईचारे और सामाजिक समरसता की मिसाल देते हुए बीजेपी पर हमलावर नजर आईं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खड़ी है या समाज को बांटे वाली शक्तियों का साथ दे रही है.
सामाजिक चेतना पर सीधा हमला- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हल्द्वानी की घटना को लोकतंत्र और सामाजिक चेतना पर सीधा हमला बताया है. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने शुद्ध और अशुद्ध के खांचे में बांटने पर सरकार को आड़े हाथ लिया आर्या ने कहा इस तरह की सोच खुद संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और इस मामले पर सरकार को अपनी चुप्पी तोड़ने की जरूरत है.
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक शुद्धीकरण मामले पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक कांग्रेस प्रदर्शन जारी रखेगी. इसके अलावा कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता, किसानो की समस्या, भू माफिया और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.
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