भगवान श्रीराम की वनवास यात्रा से जुड़े प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए विकसित किए जा रहे राम वन गमन पथ पर निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं. प्रयागराज के लाल गोपालगंज के पास निर्माणाधीन सड़क में करीब तीन मीटर के दायरे में चार जगह क्रेक और सड़क धंसने की शिकायत सामने आई है. बारिश के बाद सड़क के एक हिस्से में आई इस खराबी के बाद निर्माण एजेंसी ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है.
राम वन गमन पथ को अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबे धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जा रहा है. परियोजना की लागत करीब 4,400 करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसका मकसद अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, शृंगवेरपुर धाम, कौशांबी और चित्रकूट जैसे रामायण से जुड़े प्रमुख स्थलों के बीच सड़क संपर्क मजबूत करना है.
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लाल गोपालगंज के पास सड़क में चार जगह क्रेक
राम वन गमन पथ के निर्माणाधीन हिस्से में कौशांबी जिले के लाल गोपालगंज के पास सड़क करीब तीन मीटर के हिस्से में चार जगह क्रेक या धंसने की स्थिति सामने आई है. बताया जा रहा है कि इस हिस्से का निर्माण पांच अलग-अलग पैच में किया गया था. बारिश के बाद सड़क के एक पैच में दिक्कत आने के बाद अब उसे दुरुस्त कराया जा रहा है. इस सड़क का काम अक्टूबर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था.
बारिश के कारण पानी रुका, रिसाव से आई दिक्कत
मामले में एनएच के अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह ने बताया कि तेज बारिश के कारण सड़क के एक स्थान पर पानी रुक गया था. पानी के रिसने की वजह से सड़क के एक पैच में समस्या आई है. उन्होंने कहा कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है. अधिकारी के मुताबिक सड़क को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है. यानी विभाग इसे निर्माण में बड़ी खामी के बजाय भारी बारिश के बाद पानी रुकने और उसके रिसाव से जुड़ी समस्या मान रहा है.
210 किमी का धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर
राम वन गमन पथ का प्रस्तावित मार्ग अयोध्या से शुरू होकर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जेठवारा, शृंगवेरपुर धाम, कौशांबी के मंझनपुर और राजापुर होते हुए चित्रकूट तक पहुंचता है. परियोजना में अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्ग हिस्सों के साथ नए ग्रीनफील्ड सेक्शन भी शामिल हैं. शृंगवेरपुर के पास गंगा पर पुल भी इस परियोजना का अहम हिस्सा है. पुल और सड़क संपर्क बेहतर होने के बाद शृंगवेरपुर धाम से कौशांबी की तरफ आवागमन आसान होने की उम्मीद है.
शृंगवेरपुर धाम क्यों है खास?
रामायण परंपरा में शृंगवेरपुर धाम का संबंध निषादराज गुह और श्रीराम के गंगा पार करने के प्रसंग से माना जाता है. इसलिए अयोध्या से चित्रकूट के बीच बनने वाले राम वन गमन पथ में यह महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव है. शृंगवेरपुर के बाद मार्ग कौशांबी की ओर बढ़ता है और मंझनपुर-राजापुर होते हुए चित्रकूट तक पहुंचता है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 6 जनवरी 2022 को उत्तर प्रदेश में कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास किया था. जिसमें ये भी शामिल था.
रामायण सर्किट से जुड़ेगा कॉरिडोर
राम वन गमन पथ को अयोध्या, चित्रकूट और शृंगवेरपुर जैसे स्थल रामायण परंपरा से जुड़े प्रमुख धार्मिक केंद्र से जोड़ा जा रहा हैं. ऐसे में राम मंदिर के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए शृंगवेरपुर, कौशांबी और चित्रकूट तक पहुंचना आसान हो सकेगा. इससे इन स्थलों को एक साझा धार्मिक पर्यटन मार्ग के तौर पर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी.
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