मधुबनी में रविवार (6 सितंबर) रात करीब 2 बजे हनुमान चौक के पास रात्रि गश्ती एवं विशेष वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति मोहम्मद इरशाद और मोहम्मद रफ़ी घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम के हत्थे चढ़ गए. तलाशी लेने पर बैग से भारत के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से निर्गत कुल 63 मूल पासपोर्ट, पांच खाली रजिस्ट्री लिफाफे एवं दो मोबाइल फोन बरामद किए गए.
दोनों आरोपियों की निशानदेही पर मुख्य सरगना मोहम्मद आरजू तथा डाककर्मी मोहम्मद अदनान हुसैन को भी उनके घरों से तत्काल सघन छापेमारी करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया. चारों आरोपियों के पास से कुल 63 पासपोर्ट, एक मोटरसाईकिल, चार मोबाइल और पांच डाक लिफाफे बरामद किए गए.
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घटना में घोघरडीहा थाना द्वारा सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. साथ ही पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े पटना व कानपुर के एजेंटों की गिरफ्तारी हेतु विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. इस बात की जानकारी सोमवार (7 सितंबर) को मधुबनी के पुलिस अधीक्षक ने दी.
63 पासपोर्ट के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
मधुबनी के वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने सोमवार को बताया कि रविवार (6 से 7 सितंबर 2026) के मध्य रात्रि समय करीब 2:00 बजे घोघरडीहा थाना की पुलिस टीम हनुमान चौक के पास रात्रि गश्ती एवं विशेष वाहन चेकिंग अभियान पर थी.
इस बीच शत्रुपट्टी की ओर से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर अचानक बाइक घुमाकर भागने लगे. पुलिस बल द्वारा तत्परता दिखाते हुए दोनों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया.
निशानदेही पर मुख्य सरगना सहित दो अन्य गिरफ्तार
पूछताछ में मोहम्मद इरशाद ने पुलिस को बताया कि उसके पिता आरजू द्वारा गांव के ग्रामीण डाक सेवक अदनान हुसैन के पते पर देश के अलग-अलग हिस्सों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर पासपोर्ट मंगवाए जाते हैं. इसके बाद वे दोनों इन पासपोर्ट्स को बिहार के पटना, यूपी के कानपुर (मयंक व श्रवण) और पंजाब एवं महाराष्ट्र के एजेंटों तक पहुंचाने का काम करते हैं.
पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान प्राप्त स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर टीम द्वारा तत्काल सघन छापेमारी करते हुए मुख्य सरगना आरजू तथा डाककर्मी अदनान हुसैन को भी उनके घरों से विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया तथा उनके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए गए. पूछताछ में आरजू ने बताया कि रूस में रहने के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय एजेंटों के संपर्क में आया था.
2024 से चलाया जा रहा था तस्करी का सिंडिकेट
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से वह डाककर्मी की मिलीभगत से नौकरी का प्रलोभन देकर पासपोर्ट मंगाता था तथा हर पासपोर्ट पर 2-2 लाख रूपया लेकर टूरिस्ट वीजा के जरिए अवैध रूप से विदेश भेजता था. साथ ही अन्य लोगों के नाम पर फर्जी पासपोर्ट व दस्तावेज तैयार कर तस्करी का सिंडिकेट चला रहा था. जिसमें विदेश में इनका पासपोर्ट रखा लिया जाता था और इनसे घरेलू काम या अन्य काम या यहां यहां तक कि युद्ध में भी इन्हें भेज दिया जाता था.
इस मामले में घोघरडीहा थाना द्वारा सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी संख्या 210/26 दर्ज कर गिरफ्तार चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है. पुलिस द्वारा गिरोह से जुड़े पटना व कानपुर के एजेंटों की गिरफ्तारी हेतु विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है.
ज्ञात हो कि वरीय पुलिस अधीक्षक मधुबनी एवं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के निर्देशन में मधुबनी पुलिस द्वारा विधि व्यवस्था संधारण एवं अपराध नियंत्रण के दृष्टिकोण से लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा हैं. इसी क्रम में इस गिरफ्तारी ने एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसके बाद नेपाल के साथ बिहार के मधुबनी जिले की लगभग 135 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल उठ गया है.
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