एक जला हुआ शव, चेहरा पहचान से बाहर, कोई सुराग नहीं और सामने ब्लाइंड केस लेकिन बागपत पुलिस ने हार नहीं मानी. पांच पुलिस टीमों ने करीब 25 दिन तक सैकड़ों CCTV कैमरे और हजारों वाहनों को खंगाला. आखिरकार एक बिना नंबर की स्कूटी से पुलिस के हाथ ऐसा सुराग लगा, जिसने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने मृतका के प्रेमी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल, बीते 13 अगस्त को बागपत के काठा गांव के जंगल में 15 वर्षीय नाबालिग का शव मिला था. शव को पेट्रोल डालकर जलाया गया था और चेहरे पर तेजाब का इस्तेमाल किया गया था. मकसद साफ था, मृतका की पहचान किसी भी कीमत पर न हो. पुलिस ने जांच के लिए पांच टीमें लगाईं. सर्विलांस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से लेकर संभावित रास्तों तक जांच की. दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे पर लगे CCTV कैमरों को खंगाला गया.
यूपी में बिजली चोरी पर शिकंजा, हाई लॉस क्लस्टर मॉडल से होगी वसूली
बिना नंबर प्लेट की स्कूटी से हुई मृतका की पहचान
पुलिस ने करीब 500 से 600 कैमरों की फुटेज देखी और 1500 से 2000 वाहनों की जांच की. इसी दौरान बिना नंबर की एक स्कूटी दिखाई दी. स्कूटी पर पुरुष, महिला और दो साल बच्चा था. पुलिस ने फुटेज के आधार पर स्कूटी को ट्रेस किया और दिल्ली के न्यू उस्मानपुर तक पहुंच गई. पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिवार मकान खाली कर चुका था. मकान मालिक के पास मौजूद आधार कार्ड ने पुलिस को मृतका तक पहुंचा दिया. पता चला कि मृतका का नाम परी है और वह मथुरा की रहने वाली थी.
मथुरा पुलिस से जानकारी जुटाने पर पता चला कि परी को अमन सागर अपने साथ ले गया था और उसके लापता होने का मुकदमा भी दर्ज था. अमन और उसकी पत्नी की कपड़े की दुकान परी के घर के सामने थी. परी अमन के बच्चे की देखभाल करने लगी. आरोपी अमन जिम ट्रेनर भी था.
परी और अमन की नजदीकी पर पति-पत्नी में बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार धीरे-धीरे अमन और परी के बीच नजदीकियां बढ़ीं. अमन अपनी पत्नी और परी को लेकर दिल्ली आकर किराए के मकान में रहने लगा. परी को भगाकर ले जाने का मुकदमा अमन सागर के खिलाफ मथुरा में दर्ज कराया गया. परी के साथ नजदीकी बढ़ने पर पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हुआ.
बताया गया कि 12 अगस्त की रात परी की गला दबाकर हत्या कर दी गई. आरोप है कि हत्या के बाद शव को बोरे में बंद किया गया और स्कूटी से बागपत लाया गया. मवीकलां से निकलकर काठा गांव के पास शव को उतारा गया. पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, ताकि चेहरा और पहचान दोनों मिट जाएं.
पुलिस ने पति और पत्नी को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, आरोपी अमन सागर अपराध आधारित धारावाहिकों का आदी था और उसे लगता था कि वह पुलिस को गुमराह कर देगा. लेकिन CCTV, सर्विलांस और दस्तावेजों की कड़ियां उसकी साजिश पर भारी पड़ गईं. अब अमन सागर और उसकी पत्नी पुलिस की गिरफ्त में हैं. दोनों को जेल भेज दिया गया है. वहीं ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया है.
कानपुर: बहू ने करवाई थी हत्या, दवा कारोबारी मर्डर केस में खुलासा
