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स्टार्मर के इस्तीफे के बाद ऋषि मदलानी लड़ेंगे उपचुनाव, जानें क्या है मकसद?


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  • मदलानी 25 साल से निवासी, स्थानीय मुद्दों, जलवायु पर जोर।

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हाल ही में अपने सांसद पद से भी इस्तीफा दे दिया है, इससे ब्रिटिश संसद में लंदन संसदीय क्षेत्र की सीट खाली हो गई. जिसके बाद सस्टेनेबल फाइनेंस प्रोफेशनल ऋषि मदलानी सोमवार (7 सितंबर, 2026) को लंदन निर्वाचन क्षेत्र से सांसद के रूप में कीर स्टार्मर के उत्तराधिकारी बनने की दौड़ में शामिल होने वाले इकलौते ब्रिटिश-इंडियन उम्मीदवार के तौर पर सामने आए.

लेबर पार्टी के पूर्व काउंसिलर ऋषि मदलानी को इस बात की उम्मीद है कि होलबोर्न और सेंट पैनक्रास से उनका कनेक्शन चुनाव के दौरान उनके पक्ष में काम करेगा, क्योंकि वे अपने छात्र जीवन से ही पिछले 25 सालों से इली इलाके में रह रहे हैं.

पूर्व ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर साल 2015 यानी पिछले 11 सालों से लंदन संसदीय क्षेत्र के सांसद रहे हैं, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों पर ध्यान देने के लिए इसी महीने की शुरुआत में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद लंदन संसदीय सीट के लिए उपचुनाव की स्थिति बन गई.

होलबोर्न और सेंट पैनक्रास 25 सालों से मेरा घर रहा है- मदलानी

न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ बातचीत में लंदन संसदीय सीट से उम्मीदवार ऋषि मदलानी ने कहा, ‘होलबोर्न और सेंट पैनक्रास पिछले 25 सालों से मेरा घर रहा है. इसी जगह मेरी राजनीतिक सोच विकसित हुई, यहीं से मेरी सामाजिक सक्रियता की शुरुआत हुई और यहीं पब्लिक सर्विस के प्रति मेरी प्रतिबद्धता मजबूत हुई.’ 

उन्होंने कहा, ‘मैं इस समुदाय को जानता हूं. मैं जानता हूं कि काउंसिलर के रूप में यहां रहने वाले लोगों की सेवा करने का क्या मलतब है. मैं परिवारों, किरायेदारों, वर्कर्स और युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों को समझता हूं. अपने प्रोफेशनल एक्सपीरियंस के जरिए मुझे इस बात की भी गहरी समझ हासिल हुई है कि हम अपनी इकोनॉमी को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं, जिम्मेदारी के साथ निवेश कर सकते हैं और क्लाईमेट क्राइसिस से निपट सकते हैं.’

मदलानी क्यों लड़ना चाहते हैं सांसद का चुनाव?

पीटीआई के मुताबिक, ऋषि मदलानी ने कहा, ‘मैं ये सांसद पद का चुनाव इसलिए लड़ रहा हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि मेरे पास इस संसदीय क्षेत्र और लेबर आंदोलन के लिए कुछ योगदान करने के लिए है. मैं असल में किफायती और सोशल हाउसिंग की बेहतर व्यवस्था, क्लाईमेट चेंज के खिलाफ मजबूत कार्रवाई और एक ऐसी इकोनॉमी के लिए काम करना चाहता हूं, जो कामकाजी लोगों के लिए फायदेमंद हो.’

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र बनाना चाहता हूं, जहां हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का मौका मिले. मैं यहां पिछले 25 सालों में हासिए किए गए अपने अनुभव को संसद में लोगों के फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहता हूं.’ 

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