ईरान 7 अक्टूबर, 2023 की तरह इजरायल पर एक साथ कई मोर्चों से हमले की योजना बना रहा है. द जेरूसलम पोस्ट ने खुफिया सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है. 7 अक्टूबर को हमास ने गाजा पट्टी से दक्षिणी इजरायल पर हमला किया था, जिसमें 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए थे. हमास के लड़ाकों और कुछ अन्य फिलिस्तीनी समूहों ने जमीन, हवा और समुद्र के रास्ते गाजा-इजरायल सीमा को पार किया था. उस दौरान सैन्य ठिकानों, कस्बों और नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमला किया गया था.
बताया जा रहा है कि अब जिस हमले की योजना बनाई जा रही है, उसमें ईरान के सभी सहयोगी गुटों को एक साथ शामिल किया जाएगा. रिपोर्ट के अनुसार, ईरान हिज़्बुल्लाह, हमास, हूती और इराक के ईरान-समर्थक मिलिशिया को एक ही अभियान में एकजुट करने की कोशिश कर रहा है.
इजरायल पर कई मोर्चों से हमले की योजना
‘द जेरूसलम पोस्ट’ में छपी अरब मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान की योजना है कि एक ही समय में कई मोर्चों से इजरायल के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. ईरान एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस को फिर से खड़ा करने और कई मोर्चों के बीच तालमेल को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि एक्सिस ऑफ रेसिस्टेंस ईरान के नेतृत्व वाला एक अनौपचारिक सैन्य गठबंधन है, जिसमें सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह के गुट शामिल हैं. इसका मकसद इजरायल, अमेरिका और क्षेत्र के अन्य प्रतिद्वंद्वियों का मुकाबला करना है.
द जेरूसलम पोस्ट ने IDF (इजरायली सेना) के एक आकलन का हवाला देते हुए बताया कि हमास और हिज़्बुल्लाह ने हाल के हफ़्तों में ईरान की मदद से अपनी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए तालमेल बिठाना शुरू कर दिया है. हालांकि ईरान के मामले में इजरायल अब बैकग्राउंड में चला गया है, वह अभी भी लेबनान पर हमले कर रहा है.
गाजा पट्टी के बड़े हिस्से पर इजरायली कब्जा
अक्टूबर 2023 में हमास के हमले के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में भी युद्ध शुरू कर दिया था और 10 अक्टूबर 2025 को युद्धविराम समझौता हुआ. हालांकि, इस समझौते का समय-समय पर उल्लंघन होता रहा है और इजरायली सेना अभी भी गाजा पट्टी के एक बड़े हिस्से पर कब्जा किए हुए है.
खबरों के मुताबिक, हमले के बाद गाजा पट्टी में जब्त किए गए हमास के कथित आंतरिक दस्तावेजों से संकेत मिलता है कि यह योजना इजरायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले जैसी है. ‘द जेरूसलम पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार इन दस्तावेजों से पता चलता है कि 2023 के हमले के मास्टरमाइंड याह्या सिनवार ने टकराव को बढ़ाने और इसमें अन्य मोर्चों को भी शामिल करने की कोशिश की थी.
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