गन्ने की फसल तैयार होने में काफी समय लगता है. ऐसे में किसान अगर गन्ने की कतारों के बीच खाली जगह का सही इस्तेमाल करें तो उस दौरान दूसरी फसल भी उगा सकते हैं. इसे सहफसली खेती कहा जाता है. गन्ने के साथ-साथ सरसों, आलू और मसूर जैसी फसलों की खेती की जा सकती है. इससे किसान को एक ही खेत से एक से ज्यादा फसल उगा सकता है और किसानों को अपनी आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलती है. हालांकि फसल को चुनने मिट्टी, मौसम, पानी और जगह को देखते हुए करने में सही रहेगा.
गन्ने के साथ सरसों लगाएं, एक खेत से बढ़ेगी कमाई
गन्ने की बुवाई के बाद शुरुआती दिनों में उसकी कतारों के बीच काफी जगह खाली रहती है. किसान इस जगह का इस्तेमाल सरसों की फसल उगाने के लिए कर सकते हैं. गन्ने की कतारों के बीच सही दूरी रखते हुए सरसों की लाइन में बुवाई करें, ताकि दोनों फसलों को बढ़ने के लिए सही जगह मिल सके. सरसों की फसल गन्ने की तुलना में जल्दी तैयार हो जाती है, इसलिए किसान गन्ने के साथ सरसों बेचकर ज्यादा आमदनी बना सकते हैं.
गन्ने के साथ आलू उगाएं, खाली जमीन से लें फायदा
आलू की खेती भी गन्ने से की जा सकती है. गन्ने की कतारों के बीच खाली जगह में आलू की बुवाई की जाती है. इसके लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का इस्तेमाल करें और आलू की कतारों के बीच सही दूरी रखें. आलू की फसल कम समय में तैयार हो जाती है, जबकि गन्ना खेत में लगा रहता है. ऐसे में किसान को एक ही खेत से गन्ने के अलावा आलू की बिक्री से भी अतिरिक्त कमाई करने का मौका मिलता है.
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मसूर की खेती से भी मिल सकता है अतिरिक्त मुनाफा
गन्ने के साथ मसूर की फसल भी लगाई जा सकती है. मसूर की बुवाई गन्ने की कतारों के बीच बची जगह में की जाती है. इसके लिए खेत में नमी और मिट्टी की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है. मसूर कम पानी में भी उगाई जा सकती है, इसलिए जहां सिंचाई की व्यवस्था कम हो वहां यह विकल्प अच्छा होता है.
फसल की दूरी और बुवाई का समय रखें सही
इस खेती में सबसे जरूरी बात फसलों की सही दूरी और बुवाई का समय है. अगर गन्ने और दूसरी फसल को बहुत पास-पास लगा दिया जाए तो दोनों फसलों के बीच पानी, धूप और पोषक तत्व सारी फसलों में ठीक से नही पहुंच पाते है. इसलिए सरसों, आलू या मसूर लगाने से पहले गन्ने की कतारों की दूरी और खेत की हालत को ध्यान में रखें. अच्छी गुणवत्ता के बीज का इस्तेमाल करें और बुवाई अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार करें. इससे दोनों फसलें आपको अच्छा उत्पादन दे सकती है.
सहफसली खेती से कैसे बढ़ सकती है आमदनी?
गन्ने की फसल तैयार होने में कई महीने लगते हैं. ऐसे में इस दौरान खेत की खाली जगह में सरसों, आलू या मसूर जैसी फसल लगाने से जमीन का बेहतर इस्तेमाल हो सकता है. किसान दूसरी फसल तैयार होने पर उसे बेचकर गन्ने की बिक्री से पहले ही अतिरिक्त पैसा कमा सकते हैं. यानी एक ही खेत से अलग-अलग समय पर दो फसलों का उत्पादन मिल सकता है. हालांकि कुल कमाई फसल की पैदावार, बाजार भाव, बीज और खेती की और उसकी लागत पर निर्भर करती हैं.
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