जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के स्थायी मुख्य न्यायाधीश के तौर पर आज 9 सितंबर 2026 को जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने शपथ ली. यह खास शपथ ग्रहण समारोह कश्मीर के शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी (SKUAST) के शालीमार ऑडिटोरियम में हुआ. जस्टिस भाटी ने जस्टिस संजीव कुमार की जगह ली है, जो कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे थे.
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने उन्हें पद की शपथ दिलाई. सक्सेना अभी जम्मू-कश्मीर का कामकाज भी अतिरिक्त प्रभार के तौर पर देख रहे हैं, क्योंकि जम्मू-कश्मीर के मौजूदा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा आधिकारिक छुट्टी पर हैं.
कार्यक्रम में CM अब्दुल्ला समेत कई वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल शहजाद अजीम ने कानून और न्याय मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 5 सितंबर 2026 को जारी नियुक्ति वारंट को पढ़कर न्यायिक कार्यवाही की औपचारिक शुरुआत की. इस अहम न्यायिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, हाई कोर्ट के मौजूदा और पूर्व जज, निचली अदालतों के न्यायिक अधिकारी, एडवोकेट जनरल डीसी रैना और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी शामिल हुए.
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सुप्रीम कोर्ट ने इस शीर्ष पद पर प्रमोट करने की थी सिफारिश
जस्टिस भाटी ने राजस्थान हाई कोर्ट के वरिष्ठ जज के तौर पर एक शानदार न्यायिक पहचान बनाई है. उन्हें 16 नवंबर 2016 को जज के तौर पर नियुक्त किया गया था. अपने करियर के दौरान, उन्होंने रिट अधिकार क्षेत्र (सर्विस और विविध मामलों दोनों में), जनहित याचिका (PIL), राजस्व कानूनों, चुनावी विवादों, खनन और शिक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के मामलों में खास विशेषज्ञता हासिल की. उन्होंने राजस्थान राज्य के लिए कई बार अतिरिक्त एडवोकेट जनरल के तौर पर भी काम किया है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को जस्टिस भाटी को इस शीर्ष पद पर प्रमोट करने की आधिकारिक सिफारिश की थी.
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