फिलीपींस के रक्षामंत्री गिल्बर्टो सी थियोडोरो ने चीन की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है. उन्होंने सियोल में एक डिफेंस फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें साउथ चाइना सी मध्यस्थता से जुड़ा बीजिंग के पक्ष में एक नोट सौंपा गया.
पूरे विवाद की स्थिति तब बनी, जब थियोडोरो सियोल डिफेंस डायलॉग में समुद्री चुनौतियों और साउथ चाइना सी के मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति पीछे से आया, और नोट मेज पर रख दिया. इसके बाद थियोडोरो रुके और उन्होंने नोट उठाया और उसे जोर से पढ़ने से पहले पूछा कि क्या यह चीन की तरफ से आया है. उन्होंने कहा कि मेरे पास एक नोट है. मुझे लगता है कि यह चीन की तरफ से आया है. क्या मैं इसे पढ़ सकता हूं.
MAHIYA NAMAN KAYO | Secretary of National Defense Gilberto C. Teodoro, Jr. responded to a note from the Chinese side during the Seoul Defense Dialogue (SDD) 2026 in Seoul, Republic of Korea.#DNDPHL #DiKaPasisiil #SDD2026 pic.twitter.com/fsCRVphkgf
— Department of National Defense – Philippines (@dndphl) September 8, 2026
फिलीपींस के मंत्री बोले- उनका कोई पक्ष नहीं
जैसे ही उन्होंने नोट पढ़ा, उन्होंने उसमें दी गई दलील को बीच में रोकते हुए दो टूक जवाब दिया. इसमें कहा कि उनका कोई पक्ष नहीं है. साऊथ चाइना सी मध्यस्थता पर चीन का पक्ष साफ, सुसंग और मजबूत है, और तर्क दिया गया कि मध्यस्थता इंटरनेशनल कानून के बुनियादी सिद्धांतों को लागू करती है.
इसके बाद थियोडोरो ने नोट में दी गई कानूनी दलीलों को चुनौती देते हुए, समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का जिक्र किया. इसके तहत फिलीपींस ने चीन के खिलाफ मध्यस्थता का मामला दायर किया था. उन्होंने कहा तो आपने UNCLOS पर साइन किए.
इंटरनेशनल कानूनों का करता है उल्लंघन
उन्होंने कहा, ‘यह इंटरनेशनल कानूनों का उल्लंघन करता है. आपका यही मतलब है. नोट में मध्यस्थता के फैसले को गैर कानूनी और अमान्य बताया गया और कहा गया कि यह बाध्यकारी नहीं है. साल 2016 के मध्यस्थता ट्रिब्यूनल ने साउथ चाइना सी में चीन के व्यापक ऐतिहासिक अधिकारों के दावों को खारिज कर दिया था. फिलीपींस के विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर संसाधनों पर बीजिंग के दावों पर कोई कानूनी आधार नहीं पाया था.’
‘यह घटना कानूनी विवाद से कहीं आगे की’
थियोडोरो ने कहा है कि यह घटना सिर्फ कानूनी विवाद से कहीं आगे की बात है. यह फोरम के आयोजकों और इस इवेंट की मेजबानी कर रहे दक्षिण कोरिया का अनादर है.
उन्होंने कहा, अगर यह चीन का रुख है जो मुझे भेजा गया है, तो यह न सिर्फ इंटरनेशनल कानून का अपमान है, मानो उसे जमीन पर पटकर रौंदा जा रहा हो, बल्कि यह हमारे बहुत ही अच्छे मेजबान, कोरिया गणराज्य और यहां मौजूद बाकी लोगों के प्रति जरूरी बुनियादी शिष्टाचार का अपमान है.
थियोडोरो ने चीन पर प्रेशर बनाने का आरोप लगाया है, साथ ही नसीहत देते हुए कहा है कि चीन को अब बुनियादी शिष्टाचार का अपमान नहीं करना चाहिए.
पूरे मामले पर आयोजकों ने क्या बताया?
योनहाप न्यूज एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि फोरम के आयोजकों ने बताया कि यह नोट सियोल में चीनी दूतावास के एक चीनी मिलिट्री अटैची ने भेजा. बताया जाता है कि अटैची ने इसे फोरम के एक स्टाफ सदस्य को यह निर्देश दिया था कि इसे थियोडोरो तक पहुंचा दिया जाए. स्टाफ सदस्य ने गलती से इसे थियोडोरो के ही प्रतिनिधिमंडल का संदेश समझ लिया. भाषण के दौरान उन्हें थमा दिया.
