नए iPhone की लॉन्चिंग के साथ ही सोशल मीडिया पर इसके बॉयकॉट की चर्चा शुरू हो गई है. कांगो के मुद्दों पर काम करने वाले ग्रुप टीम कांगो ने इंस्टाग्राम पर “Why Boycott iPhone 18?” नाम से एक पोस्ट शेयर की. जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने इस पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया है. हालांकि ग्रेटा ने अपनी तरफ से एप्पल या iPhone के खिलाफ कोई अलग बयान नहीं दिया है.
क्या है पूरा मामला?
टीम कांगो का कहना है कि मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में कोबाल्ट और टैंटलम जैसे खनिजों का इस्तेमाल होता है. कांगो इन खनिजों का बड़ा स्रोत है. ग्रुप का आरोप है कि इन खनिजों के गैरकानूनी कारोबार से वहां के हथियारबंद गुटों को पैसा मिलता है. इससे हिंसा, लोगों का घर छोड़ना और बच्चों से मजदूरी कराने जैसी समस्याएं बढ़ती हैं.
कांगो दुनिया में कोबाल्ट का सबसे बड़ा उत्पादक है. टिन, टैंटलम और टंगस्टन जैसे खनिज भी यहां बड़ी मात्रा में मिलते हैं. इनका इस्तेमाल मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरी बनाने में होता है.
लोगों से क्या अपील कर रहा है कैंपेन?
टीम कांगो लोगों से कह रहा है कि –
- अपना फोन ज्यादा समय तक इस्तेमाल करें.
- जरूरत हो तो नया फोन खरीदने की बजाय पुराना या रिफर्बिश्ड फोन लें.
- नया फोन खरीदने से पहले सोचें कि उसकी सच में जरूरत है या नहीं.
- इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाले खनिजों के पीछे की कहानी पर सवाल उठाएं.
- जरूरत से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने से बचें.
- ग्रुप ने Congo Accountability Network यानी CAN नाम से एक अभियान भी शुरू किया है.
मौतों और विस्थापन के आंकड़ों पर क्या सच है?
टीम कांगो की पोस्ट में कांगो में 30 साल से चल रहे संघर्ष में 1.5 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया है लेकिन इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
एप्पल का क्या कहना है?
एप्पल का कहना है कि उसने अपने सप्लायर्स को कांगो और पड़ोसी रवांडा से खनिज खरीदने से रोकने के निर्देश दिए हैं. कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक 31 दिसंबर 2025 तक उसकी जानकारी में ऐसा कोई खनिज कारोबारी नहीं मिला जिसके जरिए कांगो या रवांडा के हथियारबंद गुटों को फायदा पहुंच रहा हो.
एप्पल के खिलाफ मामले भी चल रहे हैं. दिसंबर 2024 में कांगो सरकार के वकीलों ने फ्रांस और बेल्जियम में एप्पल की यूरोपीय कंपनियों के खिलाफ शिकायत की थी. फ्रांस में मामला सबूतों की कमी के चलते बंद कर दिया गया जबकि बेल्जियम में जांच जारी है.
नवंबर 2025 में अमेरिकी संस्था International Rights Advocates ने भी एप्पल के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. इसमें कंपनी की सप्लाई में ऐसे खनिज होने का आरोप लगाया गया है, जिनका संबंध बाल मजदूरी और हथियारबंद गुटों से बताया गया है.
पहले भी हो चुका है ऐसा कैंपेन
यह पहली बार नहीं है जब नए iPhone के साथ कांगो के खनिजों को लेकर एप्पल के खिलाफ बॉयकॉट की अपील हुई है. 2024 में iPhone 16 की लॉन्चिंग के समय भी टीम कांगो ने बॉयकॉट की अपील की थी. 2025 में iPhone 17 की रिलीज के दौरान भी कांगो से जुड़े संगठनों ने लंदन में एप्पल स्टोर के बाहर प्रदर्शन किया था.
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