Headlines

बाब-अल-मंदेब पर हूती का कब्जा, यूरोप की सप्लाई होगी बंद, सऊदी ने भी बरसाए बम


अरब प्रायद्वीप पर स्थित यमन और हॉर्न ऑफ में जिबूती- इरिट्रिया के बीच इंटरनेशनल चोकपॉइंट और अहम शिपिंग रूट ‘स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब’ पर हूती विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया है. इसके अलावा पेरिम द्वीप को भी कब्जे में ले लिया है. इससे यूरोप के लिए यहां से रास्ता बंद हो जाएगा, उसके जहाजों को अफ्रीका महाद्वीप के ऑफ गुड का चक्कर लगाना पड़ेगा, यानी एक दूरी भरा रास्ता. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, यह द्वीप बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के पास है. अगर हूतियों का इस इलाके में नियंत्रण बढ़ता है, तो जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है और समुद्री व्यापार के लिए खतरा बढ़ सकता है.

इसके अलावा हूती समूह के अल मसीराह टीवी चैनल के मुताबिक, सऊदी अरब ने मोचा शहर के हवाई अड्डे को निशाना बनाते हुए दो हमले किए हैं. यह रणनीतिक शहर अभी हूती के कंट्रोल में है.

यूरोप के लिए अहम अल मंदेब पर हूतियों का कब्जा

इधर अधिकारियों ने जानकारी दी है कि हूतियों ने लाल सागर द्वीप स्ट्रेट ऑफ बाब अल मंदेब पर कब्जा कर लिया है. एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से खबर देते हुए AFP ने प्रत्यक्षदर्शियों से भी बात करते हुए कहा है कि यमन के हूतियों ने आज लाल सागर में एक प्रमुख द्वीप पर कब्जा कर लिया है. इससे अब अल मंदेब का कंट्रोल उनके हाथ में चला गया है. सरकारी बलों के कल वहां से हटने के बाद सशस्त्र हूतियों लड़ाको को ले जाने वाली नावें मय्युन द्वीप पहुंच गई है. इसके अलावा एक द्वीप पेरिम को भी कब्जे में ले लिया गया है. 

इस मसले पर पाकिस्तान क्यों एक्टिव?

इधर, पाकिस्तान भी अब इस मसले पर एक्टिव हो गया है. यहां आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शुक्रवार को ईरान के साथ सऊदी अरब पर हाल ही में हुए हूती हमलों के बारे में बातचीत की है. यह बातचीत पाकिस्तानी रक्षामंत्री की उस चेतावनी के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें उन्होंने रियाद और यमनी मिलिटेंट ग्रुप के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए हाल ही में हुए मक्का डिफेंस पैक्ट को लागू करने की बात कही है. 

2014 से जारी हूती और सऊदी में टकराव

सऊदी और हूती के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है. यह 2014 के गृहयुद्ध के समय से जारी है. जुलाई 2026 में तनाव में इजाफा हुआ है. ऐसा तब हुआ है जब रियाद ने एक ईरानी विमान सना को उतरने से रोक दिया. इसमें हूती संगठन के एक सीनियर अधिकारी मौजूद थे. तब से हूतियों और सऊदी अऱब के बीच लगातार हमले हो रहे हैं. हाल ही में हुए हमलों में सऊदी की एक बड़ी तेल कंपनी अरामको, आभआ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाया गया. सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि इस चरमपंथी हमले में कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं. हूतियों को यह हमला यमन के चरमपंथी ग्रुप की तरफ से सऊदी पर यमन हवाई हमले करने का आरोप लगाने के बाद हुआ. इसमें 11 लोग मारे गए थे. 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *