बांग्लादेश के हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की मां संध्या रानी का गुरुवार (10 सितंबर) को निधन हो गया. वे लंबे वक्त से बीमार चल रही थीं. अहम बात यह है कि चिन्मय कृष्ण दास ने मां से मुलाकात के लिए पैरोल की मांग की थी, लेकिन उन्हें जेल से बाहर आने की इजाजत नहीं मिली थी. हालांकि अब मां के निधन के बाद वे जेल से बाहर आए और वो भी महज 5 घंटे के लिए. इसका मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिन्मय कृष्ण दास को मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार शामिल होने के लिए महज 5 घंटे की इजाजत मिली थी. वे अंतिम संस्कार के बाद वापस जेल चले गए. चिन्मय जब जेल से बाहर आए तो अपने आराध्य की मूर्ति की आगे सिर रखकर रोने लगे.
Sri Chinmay Krishna Das Prabhu touched the feet of Radha-Krishna in Pundarik Dham temple of #Chattragram before taken to jail.
Sri Chinmay Krishna Das Prabhu was given only a few hours of parole to see his dead mother for the last time. pic.twitter.com/JcLKT8OF3F
— Hindu Voice (@HinduVoice_in) September 10, 2026
चिन्मय की तरफ से उनके बड़े भाई रंजन कुमार धर ने 9 सितंबर को पैरोल के लिए आवेदन किया था, लेकिन चटगांव जिला प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया था. इसके अगले ही दिन उनकी मां का निधन हो गया. डिप्टी कमिश्नर जाहिदुल इस्लाम मिया ने चिन्मय को निधन के बाद पांच घंटे के लिए बाहर जाने की इजाजत दी.
नवंबर 2024 से जेल में बंद हैं चिन्मय
चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर 2024 को ढाका से गिरफ्तार किया गया था. वे सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता के पद पर थे. उनकी गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में उनके समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी, जिसमें वकील सैफुल इस्लाम अलीफ की मौत हो गई. इसके बाद अलीफ के पिता ने 31 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था. इस मामले के बाद चिन्मय की गिरफ्तारी हुई थी. जांच अधिकारियों ने गिरफ्तारी को लेकर दखल दिया था.
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