भारत ने रविवार (13 सितंबर 2026) को ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज MT El Gaia पर हुए हमले की निंदा की है. विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस शिप पर मौजूद 14 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिसमें से 13 को बचा लिया गया है और लापता नागरिक की खोज और बचाव का काम जारी है. विदेश मंत्रालय ने बताया, ‘ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और खोज और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से तालमेल बिठा रहा है. हम अपने नागरिकों को बचाने में मदद के लिए ओमान के अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं.’
तुरंत कम हो तनाव: विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, ‘हम तनाव को तुरंत कम करने और क्षेत्र में शांति लाने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपनी अपील दोहराते हैं. इस क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग, नाविकों, आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है. हम यह भी आग्रह करते हैं कि क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से आजाद और सुरक्षित नेविगेशन और व्यापार की आवाजाही जल्द से जल्द बहाल किया जाए.’
ब्रिक्स समिट में उठा नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा
विदेश मंत्रालय का ये बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने ब्रिक्स समिट में नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और इस पर आम सहमति भी बनी. ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों. यही वजह है कि भारत फ्रीडम ऑफ नेविगेशन और नाविकों की सुरक्षा का पुरजोर समर्थक है.’
मिडिल ईस्ट जंग के कारण सी रूट ऊर्जा और अन्य व्यापार बाधित हो रहा है, जिससे कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही हैं. अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान भारतीय जहाजों पर हमले हुए हैं और देश के नाविकों का समुद्री लुटेरों द्वारा अपहरण किया गया. उन्होंने ब्रिक्स व्यापार परिषद से 10 व्यापार बाधाओं को दूर करने पर एक रिपोर्ट तैयार करने और हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को विस्तार देने के लिए समर्थन देने का आग्रह किया. पीएम मोदी ने परिषद से 1,000 नई साझेदारियां विकसित करने का भी अनुरोध किया.
