Headlines

UCC: BJP को 2 दलों ने दी राहत, बड़ी तैयारी में कांग्रेस | 5 प्वाइंट्स में समझें


समान नागरिक संहिता (UCC) पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्लान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है. उन्होंने हाल ही में कहा है कि 2029 तक NDA-शासित 22 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा. इसके बाद मुस्लिम संगठनों और धार्मिक नेताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों कड़ी आपत्ति जताई है. साथ ही बीजेपी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को भी बंट गया है. नीतीश कुमार की जेडीयू और चिराग पासवान की एलजेपी (आर) यूसीसी पर सधी हुई प्रतिक्रिया दे रही है. 5 प्वाइंट्स में समझें-

1. NDA के अहम सहयोगी चंद्रबाबू नायडू की TDP और एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने BJP का समर्थन किया. नायडू के पास 16 और शिवसेना के पास 12 लोकसभा सांसद हैं. TDP के आंध्र प्रदेश अध्यक्ष पी. श्रीनिवास राव ने कहा कि NDA सहयोगी होने के नाते वे केंद्रीय गृह मंत्री के UCC पर दिए गए बयान का पालन करने के लिए बाध्य हैं. राव ने कहा कि इससे देश की एकता मजबूत होती है और इसमें लिंग के आधार पर कोई खास भेदभाव नहीं दिखता. वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने UCC के मुद्दे पर शाह का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे ने सभी के लिए एक समान कानून की कल्पना की थी.

2. यूसीसी पर जेडीयू ने चिंता जताते हुए अमित शाह से बात करनी की बात कही है. इस बीच नीतीश कुमार का एक पत्र एबीपी न्यूज को हाथ लगा है जिसमें उन्होंने 2017 में विधि आयोग को पत्र लिखा था. उन्होंने बिना व्यापक सहमति और अल्पसंख्यकों को विश्वास में लिए यूसीसी को जबरन या जल्दबाजी में लागू न करने की वकालत की थी.  जेडीयू के 12 सांसद हैं. चिराग पासवान ने पिछले दिनों एक्स पोस्ट में कहा था कि भारत का सामाजिक ताना-बाना विविधतापूर्ण है. हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएं और रीति-रिवाज हैं. मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) समानता और विविधता – दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है. प्रारूप सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का अवलोकन हो, व्यापक विचार-विमर्श हो – तत्पश्चात अवलोकन उपरांत पार्टी अपना मत रखेगी. एलजेपी आर की 5 लोकसभा सीटें हैं. 

3. वहीं UCC के खिलाफ कांग्रेस ने बड़ी बैठक बुलाई है. अल्पसंख्यक विभाग की कार्यकारिणी की बैठक में UCC के खिलाफ जमीन पर उतरने को लेकर रणनीति बनाई गई. मीटिंग में अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी, के साथ देश भर के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश, अध्यक्ष राष्ट्रीय महासचिव मौजूद रहे. प्रतापगढ़ी ने कहा कि अगर UCC लागू करके एक कानून बनाना है. तो एक शिक्षा पद्धति होना चाहिए. एक तरीके की सड़क हो, एक तरीके का  अस्पताल हो.  सबको एक समान सारी सुविधाएं मिले.

4. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भोपाल में कहा कि अगर NDA में शामिल JD(U) और TDP जैसी पार्टियों को बीजेपी की विचारधारा से जरा भी असहमति है, तो उन्हें यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का विरोध करना चाहिए. उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को Jantar Mantar पर UCC के खिलाफ AIMPLB के प्रदर्शन में जरूर शामिल होंगे.

5. इस बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी को नई चुनौती दे दी. उन्होंने कहा कि BJP के पास यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास कराने के लिए जरूरी संख्या बल है, तो उसे इसे अलग-अलग राज्यों के जरिए आगे बढ़ाने के बजाय संसद में पेश करना चाहिए. अब्दुल्ला ने कहा कि BJP को UCC पिछले दरवाज़े से नहीं लाना चाहिए. उन्होंने कहा, “जिस तरह उनके अपने सहयोगी इसके पक्ष में नहीं हैं, मुझे नहीं लगता कि वे इसे संसद में पास करा पाएंगे. शायद इसीलिए वे यह रास्ता अपना रहे हैं.” 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *