What Is Corporate Grooming In Office: ऑफिस में बॉस का थोड़ा ज्यादा फ्रेंडली होना हमेशा गलत नहीं होता, लेकिन कब यही व्यवहार कॉर्पोरेट ग्रूमिंग में बदल जाता है, यह समझना जरूरी है. कई बार ये सब इतना धीरे-धीरे होता है कि सामने वाले को एहसास भी नहीं होता कि वह एक साइकोलॉजिकल जाल में फंस रहा है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज नासिक में इसको लेकर काफी बवाल मचा हुआ है. चलिए आपको बताते हैं कि कॉर्पोरेट ग्रूमिंग क्या होती है?
क्या होती है कॉर्पोरेट ग्रूमिंग?
Hracuity और Verywellmind की रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट ग्रूमिंग का मतलब होता है किसी के साथ भरोसा और इमोशनल कनेक्शन बनाकर उसे कंट्रोल या मैनिपुलेट करना. शुरुआत अक्सर सामान्य बातचीत से होती है, जैसे पर्सनल लाइफ के बारे में ज्यादा पूछना या ऑफिस के बाहर कनेक्ट होने की कोशिश करना. पहली नजर में ये सब सामान्य लगता है, लेकिन यही इसकी सबसे बड़ी चाल होती है.
क्या होते हैं संकेत?
पहला संकेत है जरूरत से ज्यादा दोस्ती. अगर आपका बॉस बार-बार पर्सनल बातें जानने की कोशिश करे, बिना वजह मदद करे या बार-बार आपको खास महसूस कराए तो थोड़ा सतर्क हो जाएं. यह भरोसा जीतने की शुरुआत हो सकती है. दूसरा बड़ा सिग्नल है कि सीक्रेट शेयर करना और बदले में आपसे भी उम्मीद रखना. जैसे बॉस आपको खास जानकारी दे और बदले में वफादारी या निजी जुड़ाव की उम्मीद करे. यह एक तरह से इमोशनल कंट्रोल बनाने की प्रक्रिया होती है.
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तीसरा चरण थोड़ा खतरनाक होता है टेस्टिंग. इसमें बॉस आपके रिएक्शन को परखता है, यह देखने के लिए कि आप कितनी हद तक उसके प्रभाव में आ सकते हैं. वह यह भी समझने की कोशिश करता है कि आप ऑफिस या निजी जिंदगी में कितने अकेले हैं. चौथा संकेत है आइसोलेशन. धीरे-धीरे आपको बाकी टीम या दोस्तों से दूर किया जाने लगता है. यह काम सीधे नहीं बल्कि इमोशनल तरीकों से होता है, जैसे “तुम बदल गए हो” या “मुझे लगता है तुम मुझसे दूर हो रहे हो.” आखिरी और सबसे गंभीर स्टेज है, एब्यूज या एक्सप्लॉइटेशन. इसमें बॉस अपने फायदे के लिए आपका इस्तेमाल करता है, और अगर आप सवाल उठाते हैं तो गैसलाइटिंग जैसी तकनीकों से आपको ही गलत महसूस कराया जाता है.
ये भी हैं संकेत
इसके अलावा एक टॉक्सिक बॉस की कुछ और पहचान भी होती है. जैसे हर समय आलोचना करना, दूसरों के काम का क्रेडिट खुद लेना, टीम का सम्मान न करना या हर छोटी चीज में दखल देना. क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. Jolie Silva के मुताबिक, “एक टॉक्सिक बॉस अपने पावर का इस्तेमाल कर्मचारियों को कंट्रोल करने के लिए करता है, जिसमें मैनिपुलेशन और डराने-धमकाने जैसी चीजें शामिल होती हैं.” अगर आपको अपने ऑफिस में ऐसे संकेत दिख रहे हैं, तो उन्हें नजरअंदाज न करें. अपनी सीमाएं तय करें, भरोसेमंद लोगों से बात करें और जरूरत पड़े तो प्रोफेशनल मदद लें.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
